
Election Commission Form 6: नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form 6 में बदलाव को लेकर उठे सवाल अब एक नए मोड़ पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे यह जानना चाहा है कि चुनाव आयोग में किस अधिकारी ने बदलाव लागू करने का निर्देश दिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS में इसे मंजूरी किस स्तर पर मिली। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंपनी पर इस प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का दबाव बनाया गया था। यही सवाल अब पूरे विवाद के केंद्र में है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ऑनलाइन Form 6 में किए गए बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा। Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि यदि ऑनलाइन फॉर्म में बदलाव चुनाव आयोग के निर्देश पर हुआ, तो आखिर उस निर्देश के पीछे कौन था। उन्होंने TCS के स्तर पर भी जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पूछा कि कंपनी में बदलाव को मंजूरी किसने दी। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या TCS को यह परिवर्तन करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ा था। यह बयान 1 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार सामने आया है।
इस विवाद की पृष्ठभूमि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ी है। कांग्रेस का आरोप है कि ऑनलाइन Form 6 में ऐसा अतिरिक्त प्रावधान जोड़ा गया, जिसमें नए आवेदकों से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पिछले SIR से जुड़े विवरण मांगे गए। पार्टी का कहना है कि इससे पहली बार मतदान सूची में नाम जुड़वाने वाले युवाओं के लिए प्रक्रिया कठिन हो सकती थी।
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने यह रुख रखा है कि Form 6 में औपचारिक संशोधन नहीं किया गया था। आयोग के अधिकारियों के अनुसार SIR से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र निर्देशों के जरिए ऑनलाइन प्रक्रिया में जोड़ा गया था। यानी आयोग के मुताबिक इसे मूल वैधानिक Form 6 में संशोधन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
बाद में आयोग ने ऑनलाइन Form 6 को मूल प्रारूप में वापस कर दिया और SIR वाले राज्यों में अलग घोषणा-पत्र की व्यवस्था रखी। इससे विवाद का तकनीकी पहलू और महत्वपूर्ण हो गया है कि फॉर्म में बदलाव और उसके साथ अलग घोषणा की व्यवस्था को कानूनी रूप से किस तरह देखा जाए।
पूरे मामले में एक तरफ कांग्रेस कानूनी अधिकार और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं चुनाव आयोग यह स्पष्ट कर चुका है कि मूल Form 6 में संशोधन नहीं किया गया था। अब राहुल गांधी के TCS से जुड़े सवालों ने विवाद का दायरा और बढ़ा दिया है। फिलहाल सार्वजनिक रूप से सामने आए बयानों में यह स्थापित नहीं हुआ है कि किसी व्यक्ति ने TCS को कथित तौर पर दबाव में बदलाव करने का निर्देश दिया था। इसलिए इस सवाल का जवाब संबंधित दस्तावेजों, निर्देशों और अधिकृत रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगा।