Rahul Gandhi In Loksabha: लोकसभा में राहुल गांधी ने महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा की तारीफ की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में अमित शाह का जिक्र किया। सदन में सीट वृद्धि, महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जोरदार बहस भी हुई।
Rahul Gandhi: महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में अलग-अलग पार्टियों के नेता ने अपनी बात रखी। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सदन में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि हर व्यक्ति ने अपने जीवन में महिलाओं से कुछ न कुछ महत्वपूर्ण सीखा है। उन्होंने खास तौर पर अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा का उल्लेख करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में एक दिलचस्प बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अपनी बहन को महज पांच मिनट में वह कर दिखाते देखा, जो वह अपने दो दशकों के राजनीतिक सफर में नहीं कर सके, गृह मंत्री अमित शाह को मुस्कुराने पर मजबूर करना। इस टिप्पणी पर सदन में हंसी छा गई, हालांकि उस समय प्रियंका गांधी और अमित शाह दोनों ही मौजूद नहीं थे।
दरअसल, राहुल गांधी जिस प्रसंग का जिक्र कर रहे थे, वह उस वक्त का है जब प्रियंका गांधी ने बहस के दौरान चुटीले अंदाज में अमित शाह पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर प्राचीन रणनीतिकार चाणक्य आज जीवित होते, तो बीजेपी और अमित शाह की रणनीतियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते। उन्होंने मुस्कुराते हुए यह भी जोड़ा कि गृह मंत्री हंस रहे हैं और उनकी पूरी योजना तैयार है। इस पर सदन में ठहाके गूंज उठे थे।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक बड़े भाई के रूप में उन्हें अपनी बहन पर गर्व है और वह उनसे यह कला सीखना चाहते हैं। उन्होंने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए साहस और डर पर विजय की एक कहानी भी शेयर की। यह पूरा घटनाक्रम उस समय का है जब लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा चल रही थी। इन प्रस्तावों में सदन की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने और महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की बात शामिल है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस कदम के जरिए राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से परिसीमन करना चाहती है। वहीं अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सीटों में वृद्धि से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा। उनका कहना है कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटों में भी लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे उनकी मौजूदा हिस्सेदारी प्रभावित नहीं होगी। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि विधेयकों में इस तरह की कोई स्पष्ट गारंटी नहीं दी गई है।