
Rahul Gandhi Video: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया। ये नेता दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास) के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी समेत विपक्ष के अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस की बस में बिठाया गया और लगभग 40 मिनट तक शहर की सड़कों पर घुमाया गया। इसके बाद पुलिस राहुल गांधी को मॉडल टाउन थाना ले गई। इस दौरान पुलिस बस के अंदर का एक वीडियो भी सामने आया है।
प्रधानमंत्री आवास के ठीक बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान जब दिल्ली पुलिस के जवान राहुल गांधी को हिरासत में लेने के लिए पहुंचे, तो वे सड़क पर लेट गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाया और जबरदस्ती बस में बिठाया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
सांसदों को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बस के अंदर का एक वीडियो शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। अपनी पोस्ट में कांग्रेस ने कहा, "डरे हुए नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य सांसदों को विरोध स्थल से जबरदस्ती हटा दिया है। लेकिन आप चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, हमारा संकल्प नहीं टूटेगा। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा।"
पुलिस बस के अंदर से समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है। सुरजेवाला ने कहा कि यह राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत है। वे हमें जेल में डाल सकते हैं, हम पर लाठीचार्ज कर सकते हैं या हमारे साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मोदी जी को उन लाखों बेटे-बेटियों को जवाब देना होगा जिन्होंने पेपर लीक की वजह से अपना भविष्य और अपने परिवारों की उम्मीदें खो दी हैं। यह क्रांति अब एक बड़ी आग का रूप लेगी और राहुल गांधी के नेतृत्व में रुकेगी नहीं।
इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे नेताओं से मिलने पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से मुलाकात कर धरना समाप्त करने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि सरकार संसद में NEET और छात्र आंदोलन से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा कराने को तैयार है। हालांकि, राहुल गांधी ने धरना वापस लेने से साफ इनकार कर दिया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े रहे।