
Sadhus Detained in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली का लुटियंस जोन अचानक एक राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के आधिकारिक आवास के ठीक बाहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब भारी संख्या में साधु-संतों और प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना देना शुरू कर दिया।
अचानक हुए इस प्रदर्शन की भनक लगते ही दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर तैनात किया गया। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई साधु-संतों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में बदल दिया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि साधु-संतों के वेश में पहुंचे इन लोगों का उद्देश्य क्या था और वे किस संगठन या समूह से जुड़े हुए थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही प्रदर्शन के पीछे की वास्तविक वजह सामने आएगी।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद भावुक और उग्र हो गया जब हिरासत में लिए जा रहे एक वरिष्ठ प्रदर्शनकारी ने सार्वजनिक रूप से अपना आक्रोश व्यक्त किया। भावुक होकर उन्होंने कहा:
"मैं कांग्रेस पार्टी को बददुआ देती हूं। हमने छप्पन (56) वर्षों तक इस पार्टी के लिए अपना खून-पसीना बहाया, और आज वही पार्टी हमें धक्का देकर बाहर फेंकवा रही है। राहुल गांधी, आप बेवकूफ हैं!"
इस बयान से साफ झलक रहा है कि यह विरोध केवल तात्कालिक घटना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने समर्थकों और पार्टी के मौजूदा रुख के बीच पनपे गहरे असंतोष का नतीजा है।
साधु-संतों का यह विरोध प्रदर्शन हाल के दिनों में कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए कुछ बयानों और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों को लेकर उपजे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुरक्षा बलों की घेराबंदी: लुटियंस दिल्ली जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने किसी भी अनहोनी की आशंका में तुरंत वॉटर कैनन और बसें बुलाकर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।
संसद से सड़क तक की तपिश: हाल ही में NEET पेपर लीक और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष द्वारा किए गए प्रदर्शनों के बाद, अब सत्ता पक्ष और विपक्षी नेताओं के आवासों के बाहर जवाबी प्रदर्शनों की राजनीति तेज हो गई है।
इस बीच कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और प्रदर्शनकारियों की पहचान, उनके उद्देश्य तथा संभावित संगठनात्मक संबंधों की पड़ताल की जा रही है। यदि किसी तरह का कानून उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों और नेताओं के आवास के बाहर प्रदर्शन करने के अधिकारों पर बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे दिल्ली का सियासी पारा और चढ़ सकता है।