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Rahul Gandhi Savarkar Case: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सावरकर पर टिप्पणी वाला केस खारिज

Supreme Court Rahul Gandhi Verdict: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर टिप्पणी को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई को फिलहाल विराम मिल गया है। अदालत ने साफ किया कि आवश्यक वैधानिक मंजूरी के बिना शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकती।
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Aug 14, 2026
Rahul Gandhi Savarkar Case
Rahul Gandhi Savarkar Case : कानूनी मंजूरी के अभाव में राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर केस की कार्यवाही रद्द (फोटो सोर्स: ANI)

Rahul Gandhi Summons Quashed: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश की अदालत द्वारा जारी समन और उससे जुड़ी आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। अदालत के सामने सबसे अहम सवाल टिप्पणी की राजनीतिक या ऐतिहासिक सच्चाई नहीं, बल्कि यह था कि मुकदमा चलाने के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी ली गई थी या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ विनायक दामोदर सावरकर से जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने उत्तर प्रदेश के मजिस्ट्रेट द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया। अदालत ने राज्य सरकार के हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में अभियोजन के लिए जरूरी मंजूरी दिए जाने का कोई खुलासा नहीं है।

Rahul Gandhi Savarkar Case: आवश्यक वैधानिक मंजूरी के बिना कार्रवाई को माना कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं

शीर्ष अदालत के ताजा आदेश का केंद्र बिंदु टिप्पणी की ऐतिहासिक व्याख्या नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया की अनिवार्यता रही। अदालत ने पाया कि जिस वैधानिक मंजूरी के बिना ऐसी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकती, उसके मौजूद होने का रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं था। सुप्रीम कोर्ट पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि जहां कानून पूर्व स्वीकृति को अनिवार्य बनाता है, वहां उसके बिना अदालत द्वारा संज्ञान लेना कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं होता।

2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

यह मामला इससे पहले भी अदालतों में चर्चा का विषय रहा है। 2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी ने समन और पूरी कार्यवाही को चुनौती दी थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। शीर्ष अदालत ने अप्रैल 2025 में मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाही पर राहत दी थी और सावरकर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों पर टिप्पणी करते समय जिम्मेदारी बरतने को लेकर मौखिक टिप्पणी भी की थी।

फैसला टिप्पणी की सत्यता पर नहीं, प्रक्रिया में मंजूरी की कमी पर आधारित

हालांकि, शुक्रवार का फैसला राहुल गांधी के बयान को ऐतिहासिक रूप से सही या गलत घोषित करने वाला फैसला नहीं है। अदालत ने मुख्य रूप से प्रक्रिया में आवश्यक मंजूरी के अभाव को आधार बनाया है। सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है, जिससे यह साफ होगा कि फैसले के कानूनी आधार और आगे की संभावनाओं पर अदालत ने क्या विस्तृत टिप्पणी की है।

राजनीतिक रूप से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है, क्योंकि सावरकर को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियां लंबे समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच वैचारिक टकराव का हिस्सा रही हैं। ऐसे में अदालत से मिली राहत ने इस पुराने विवाद को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

Updated on:
14 Aug 2026 01:02 pm
Published on:
14 Aug 2026 12:41 pm