
Trinamool Congress Symbol Controversy: पश्चिम बंगाल में राजनीति गरमाई गई है। TMC के चुनाव चिह्न फ्रीज होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग जारी है। TMC के चुनाव चिह्न को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने चुनाव चिह्नों का जिक्र करते हुए कहा कि 1952 से 1969 तक कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘बैलों की जोड़ी’ था। इसके बाद पार्टी में विभाजन हुआ और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘गाय और बछड़ा’ बना। उनका कहना है कि चुनाव चिह्नों को लेकर समय-समय पर फैसले और बदलाव होते रहे हैं, इसलिए TMC के मामले में इसे कोई नई बात नहीं माना जाना चाहिए। इसी मुद्दे पर निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें एक अच्छे ट्यूटर की जरूरत है। उनके इस बयान से अब सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
वहीं इससे पहले राहुल गांधी ने BJP और चुनाव आयोग पर पार्टियों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस को लेकर ऐसा पैटर्न देखने को मिला है। उनके मुताबिक, पार्टी टूटने के बाद चुनाव चिह्न पर भी विवाद खड़ा होता है। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की राजनीति के खिलाफ लड़ती रहेगी।
इसके बाद BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इन आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी ही पार्टी का इतिहास नहीं पता। त्रिवेदी ने याद दिलाया कि NCP की स्थापना कांग्रेस से अलग होकर हुई थी। शरद पवार और उनके सहयोगियों ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर NCP बनाई थी। उन्होंने TMC और कांग्रेस के पुराने रिश्तों का भी हवाला दिया। BJP ने कांग्रेस के भीतर हुए पुराने विवादों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए।
बता दें नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने विवाद बढ़ा दिया। गिरफ्तारी एक पुराने हत्या मामले में हुई।इसी को लेकर राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक बदला बताया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का समय कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी BJP पर एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने के तुरंत बाद गिरफ्तारी हुई।
बता दें नंदीग्राम विवाद के बीच चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया। दोनों गुटों को पुराने पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया गया। इसके बाद दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए गए। ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले पर नाराजगी जताई।