भारतीय रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार 2025-26 में अब तक 41,343 भर्तियां हो चुकी हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से पारदर्शी प्रक्रिया में परीक्षाएं आयोजित हुईं और भर्ती के दौरान पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया।
Railway Jobs: भारतीय रेलवे ने पिछले एक दशक में न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया है, बल्कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी प्रदान किया है। रेलवे देश के सबसे बड़े सरकारी नियोक्ताओं में से एक है और इसने लाखों युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि पिछले दस वर्षों में भारतीय रेलवे ने 5 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी है। उन्होंने कहा कि रेलवे में भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी है और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025–26 में अब तक 41,343 युवाओं की भर्ती की जा चुकी है। ये भर्तियां रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के माध्यम से विभिन्न चरणों में देशभर में आयोजित की जा रही हैं।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि रेलवे की परीक्षाएं तकनीकी और बड़े पैमाने की होती हैं, जिनके आयोजन के लिए भारी संख्या में मानव संसाधन, कर्मचारियों की तैनाती और ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद रेलवे ने सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अश्विनी वैष्णव ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के पेपर लीक या अनियमितता का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय अपनाए हैं।
रेल मंत्री ने तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल में रेलवे में लगभग 4.11 लाख नौकरियां दी गई थीं। इसके मुकाबले पिछले दस वर्षों में भर्ती का आंकड़ा 5 लाख से अधिक पहुंच गया है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी रेलवे में नई परियोजनाओं, आधुनिकीकरण और विस्तार के साथ रोजगार के और अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां मिलती रहेंगी।