राष्ट्रीय

रेलवे की नई सुविधा, रेल कोच के अंतिम डिब्बे में होगा स्ट्रेचर का इंतजाम

Indian Railway New facility अब रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतेजाम होगा। रेलवे, ट्रेन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ अब बीमार यात्रियों का भी खास ख्याल रखेगा। मेरठ से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने ये खास इंतजाम किया है।

2 min read
रेलवे की नई सुविधा, रेल कोच के अंतिम डिब्बे में होगा स्ट्रेचर का इंतजाम

Indian Railway New facility भारतीय रेलवे लगातार ट्रेन यात्रियों की सुविधा के नए इंतजामात कर रहा है। IANS के अनुसार, अब रेलवे ने नई घोषणा की है, जिसके तहत अब रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया जाएगा। साथ ही रेलवे अब बीमार यात्रियों का भी खास ख्याल रखेगा। आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर की सुविधा अभी मेरठ से दिल्ली आने वाले यात्रियों को ही उपलब्ध होगी। इस से बीमार मरीज को फायदा होगा। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। साथ महिलाओं के लिए अलग कोच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दिव्यांगों के लिए अलग सीट्स तैयार की गई है जिन्हें इस्तेमाल न होने की सूरत में मोड़ा जा सकेगा। अभी यह सुविधा दिल्ली-एनसीआर में तीन सप्ताह बाद चलने वाली रैपिड रेल कोच में की गई है।

अब यात्रियों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रख रही है रेलवे

रेलवे अपनी सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। कोच की बेहतर डिजाइन से लेकर ट्रेन की रफ्तार, प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन कोच की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। अब रेलवे ने यात्रियों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखेगी। और रेलवे ने उससे सम्बंधित जरूरी सुविधाएं सफर में देने का फैसला किया है।

मेडिकल बॉक्स उपलब्ध करने के निर्देश जारी

हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि, आने वाले वर्षों में देश को रेलवे का एक नया रूप देखने को मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ये जानकारी भी दी थी कि, सभी रेलवे स्टेशनों और यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेनों में जीवनरक्षक दवाओं, उपकरणों, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि से युक्त एक मेडिकल बॉक्स उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

फ्रंट लाइन स्टाफ को किया जा रहा है ट्रेंड

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, फ्रंट लाइन स्टाफ यानी ट्रेन टिकट परीक्षक, ट्रेन गार्ड व अधीक्षक, स्टेशन मास्टर आदि को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए नियमित पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सभी रेलवे स्टेशनों पर नजदीकी अस्पतालों और डॉक्टरों की सूची उनके संपर्क नंबरों के साथ उपलब्ध है।

बीमार की मददगार बनी है रेलवे

रेलवे, राज्य सरकार के या निजी अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवा प्रदाताओं की एम्बुलेंस सेवाओं का उपयोग घायल, बीमार यात्रियों को अस्पतालों व डॉक्टर के क्लीनिक तक पहुंचाने के लिए कर रहा है।

देश की पहली रैपिड रेल मार्च से चलेगी

इसी के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर के बीच चलने वाली रैपिड रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया गया है। दरअसल देश की पहली रैपिड रेल तीन सप्ताह बाद गाजियाबाद के साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ने लगेगी। इस रूट पर 5 स्टेशन होंगे। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं।

Updated on:
14 Feb 2023 04:47 pm
Published on:
14 Feb 2023 04:46 pm
Also Read
View All