
नई दिल्ली। दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इस बार खास तैयारियां की हैं। त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए देशभर में करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं, दिल्ली क्षेत्र से करीब 2 करोड़ लोगों के रेल यात्रा करने का अनुमान है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की ओर त्योहारों की तैयारियों का जायजा लिया और यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी दी।
रेल मंत्री ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आरक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए अलग से होल्डिंग एरिया बनाया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी परेशानी के ट्रेन में चढ़ने की सुविधा देना और स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करना है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छह अलग-अलग प्रवेश द्वार होने के कारण यात्रियों को अक्सर उलझन होती थी। अब इस व्यवस्था को आसान बनाते हुए यात्रियों के लिए कॉमन एरिया तैयार किया गया है।
इसके अलावा सामान की जांच के लिए सभी सुविधाओं को बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले जहां टिकटिंग की व्यवस्था थी, उस जगह को अब यात्रियों के लिए आरामदायक वेटिंग एरिया में बदल दिया गया है। रेल मंत्री के मुताबिक, इन बदलावों से यात्रियों के अनुभव में काफी सुधार हुआ है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस साल 700 से ज्यादा AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं।
इन कैमरों की मदद से यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी। जहां भी भीड़ बढ़ने की आशंका होगी, वहां यात्रियों की आवाजाही को दूसरी जगह डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।
रेल मंत्री ने बताया कि पिछले साल त्योहारों के दौरान करीब 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, जो एक रिकॉर्ड था। इस बार यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। इन ट्रेनों का संचालन दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ सहित पूरे त्योहार सीजन के दौरान किया जाएगा। रेलवे का लक्ष्य है कि यात्रियों को घर जाने और वापस लौटने के दौरान ट्रेनों की कमी या भीड़ के कारण परेशानी न हो।
रेल मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों के अनुभवों और एआई स्टडी से स्पष्ट हुआ कि खुद दिवाली के दिन उतनी भीड़ नहीं होती, जितनी धनतेरस के आसपास रहती है। धनतेरस को 'पीक डे' के रूप में चिन्हित करते हुए सबसे अधिक विशेष ट्रेनें तैनात की गईं। इसी तरह दिवाली के बाद छठ पूजा से ठीक तीन दिन पहले दूसरा बड़ा पीक आने का अनुमान है, जिसे ध्यान में रखते हुए ट्रेनों के फेरे और समय सारिणी निर्धारित की गई है।
अचानक बढ़ने वाली भीड़ से निपटने के लिए रेलवे ने पुख्ता बैकअप प्लान भी तैयार किया है। रेल मंत्री ने बताया कि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति या अत्यधिक भीड़ के दबाव को संभालने के लिए शुकूर बस्ती डिपो में करीब 6 ट्रेन रेक स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।