
Rajasthan Assembly Elections 2023 : राजस्थान भाजपा नेताओं और प्रदेश के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच करीब तीन साल से चल रही समन्वय की कमी को देखते हुए भाजपा आलाकमान ने बड़ा निर्णय किया है। प्रदेश के संघ परिवार से अब प्रदेश भाजपा के नेता किसी भी विषय पर बातचीत नहीं करेंगे। तीन केन्द्रीय नेताओं को संघ परिवार से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है। अब यही तीन केन्द्रीय नेता राजस्थान के दो प्रमुख संघ पदाधिकारियों से बातचीत कर समन्वय स्थापित करेंगे। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार लम्बे समय से संघ की यह शिकायत थी कि प्रदेश भाजपा के कुछ नेता अपनी मनमर्जी के अनुसार काम कर रहे थे और किसी भी सलाह को नहीं मान रहे थे।
हल निकालने के हुए प्रयास
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार करीब दो साल से संघ और प्रदेश के नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के प्रयास भाजपी आलाकमान ने शुरू किए। इसके लिए भाजपा कोर कमेटी और संघ के कुछ पदाधिकारियों की तीन बैठकें हुई। इनमें से एक बैठक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और एक बैठक केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर हुई। इसके बावजूद भी तालमेल का रास्ता नहीं निकला।
संघ के सुझाव पर आलाकमान लेगा निर्णय
हाल ही बीएल संतोष कुछ घंटे के दौरे पर जयपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने जयपुर में वैशाली नगर में एक बैठक की। इसके बाद यह तय हुआ है कि अब 'संघ से जुड़े किसी भी विषय में राजस्थान भाजपा का नेता शामिल नहीं होगा। संघ का जो भी सुझाव होगा, वह आलाकमान को ही बताया जाएगा और उस पर निर्णय कर राजस्थान भाजपा के नेताओं को अवगत करवा दिया जाएगा।
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बी एस संतोष, अरुण सिंह और प्रल्हाद जोशी देखेंगे पार्टी का काम
अब चुनाव सिर पर हैं तो पार्टी ने तय किया है कि संघ के समन्वय का सारा काम पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महांमत्री बी एस संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, केंद्रीय संसदीय मंत्री व प्रदेश के चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी देखेंगे। संघ के दो क्षेत्रीय पदाधिकारी अब इन्हीं तीन नेताओं से बातचीत करेंगे और सुझाव देंगे।
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