
संबित पात्रा (फोटो-IANS)
Congress Mock Parliament: बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के सांकेतिक महाभियोग कार्यक्रम पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के 'वोट चोरी' के आरोपों का जवाब देते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर ही वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बनने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का मॉक पार्लियामेंट असल में संसद का मजाक उड़ाने जैसा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की। कार्यक्रम में ऐसे मतदाता भी शामिल हुए, जिनका दावा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उनके नाम काट दिए गए।
31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर संबित पात्रा ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने खरगे के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वोट चोरी की बात में सच्चाई है और देश में अगर कभी वोट चोरी हुई, तो वह जवाहरलाल नेहरू ने की थी। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने सरदार पटेल को प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान किया था, लेकिन नेहरू ने उन वोटों को चुराकर प्रधानमंत्री पद हासिल कर लिया। उन्होंने नेहरू को 'निर्वाचित नहीं हुए प्रधानमंत्री' बताया। यह संबित पात्रा का राजनीतिक आरोप है। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुए उस ऐतिहासिक नेतृत्व चयन का जिक्र किया, जिसमें पटेल और नेहरू के नाम को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस होती रही है।
बीजेपी सांसद ने कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट आयोजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस तरह का कार्यक्रम कर रही है, उससे संसद का मजाक बन रहा है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह का आयोजन करने के बजाय अपने आरोपों पर तथ्य रखने चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं और प्रतिभागियों को भी संबोधित करते हुए कहा कि देश में वोट चोरी का पहला मामला नेहरू से जुड़ा था।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के सांकेतिक महाभियोग कार्यक्रम के तहत मॉक पार्लियामेंट आयोजित की। यह कार्यक्रम मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुआ, जिसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की। कार्यक्रम में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले लोगों ने भी हिस्सा लिया।
Updated on:
31 Oct 2026, 5:45 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 5:28 PM IST
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