कहा जाता है कि उनका नाम राजीव पूर्व प्रधानमंत्री और उनके नाना जवाहरलाल नेहरू ने रखा था। दरअसल, नेहरू जी की पत्नी का नाम कमला नेहरू था और राजीव (Rajiv Gandhi Birth Anniversary) का मतलब कमल होता है। कमला की याद को ताजा बनाए रखने के लिए नेहरू जी ने उनका नाम राजीव रखा।
नई दिल्ली।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi Birth Anniversary) देश में कंप्यूटर क्रांति के जनक माने जाते हैं। वह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे। 40 वर्ष की उम्र में उन्होंने सत्ता संभाली थी। हालांकि, वे ज्यादा समय तक अपने कौशल का परिचय नहीं दे सके और 21 मई 1991 को एक रैली में उनकी हत्या कर दी गई। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य।
- सबसे पहले बात उनके नाम की। कहा जाता है कि उनका नाम राजीव पूर्व प्रधानमंत्री और उनके नाना जवाहरलाल नेहरू ने रखा था। दरअसल, नेहरू जी की पत्नी का नाम कमला नेहरू था और राजीव का मतलब कमल होता है। कमला की याद को ताजा बनाए रखने के लिए नेहरू जी ने उनका नाम राजीव रखा।
- एक बार राजीव गांधी किसानों से मिल रहे थे। इलाके के किसान मिर्च की खेती करते थे। उन्हें पता चला हरी मिर्च से लाल मिर्च महंगी होती है। राजीव गांधी ने उनसे पूछा, आप हरी मिर्च क्यों पैदा करते हैं, लाल मिर्च क्यों नहीं उगाते, जिससे आपको फसल की बेहतर कीमत मिले। यह सुनकर लोग हैरान रह गए। अब राजीव गांधी को कौन बताए कि हरी मिर्च पकने के बाद लाल मिर्च बनती है।
- राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी से जुड़े भी कई किस्से मशहूर हैं। इनमें से एक है, जब दोनों की मुलाकात कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हुई थी। धीरे-धीरे यह मुलाकात प्यार में बदल गई। कुछ समय के लिए इंदिरा गांधी लंदन गई थीं, तभी राजीव गांधी ने सोनिया गांधी की मुलाकात अपनी मां से करा दी थी। इंदिरा जी शादी के लिए मान तो गई थीं, मगर वह चाहती थीं कि शादी से पहले सोनिया गांधी भारत आकर रहे और इसके बाद ही अंतिम फैसला लें। हालांकि, सोनिया के पिता ऐसा नहीं चाहते थे कि वह भारत जाकर शादी करें और वहां बसें। बाद में सब कुछ ठीक हुआ और 25 फरवरी 1968 को राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी हो गई।
- एक और किस्सा उनकी शादी से जुड़ा मशहूर है। भारत आने के बाद सोनिया गांधी सफदरजंग रोड और बच्चन परिवार के विलिंगटन के्रसेंट हाउस में रहा करती थीं। बच्चन परिवार के घर पर ही मेहंदी हुई और प्रधानमंत्री निवास के गार्डन में विवाह समारोह। चूंकि समारोह में ज्यादा लोग शामिल नहीं हुए थे, मगर वहां जो मौजूद थे, उनमें पत्रकार भी शामिल थे। कहा जाता है कि राजीव गांधी पत्रकारों को देखकर गुस्सा हो गए थे। उन्होंने पत्रकारों के सामने आने से इनकार भी कर दिया था। बाद में रिसेप्शन हैदराबाद हाउस में आयोजित हुआ।