
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय में भारतीय नौसेना के जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर हमारा अपना आंगन है और इसकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का 90% से अधिक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, तेल और गैस का परिवहन इसी समुद्री क्षेत्र से होता है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में बाहरी ताकतों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और यहां नई रणनीतिक प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। ऐसे में भारतीय नौसेना की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। रक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि नौसेना भविष्य की हर चुनौती का मजबूती से सामना करेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना में छठे स्वदेशी प्रोजेक्ट 17ए स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरी के कमीशनिंग की पूर्व संध्या पर आयोजित बड़ाखाना कार्यक्रम में नौसेना के जवानों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र का सबसे बड़ा और सबसे जिम्मेदार हितधारक है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारा आंगन है और इसकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
राजनाथ सिंह ने कहा, "एक बात बहुत साफ-साफ बताना चाहता हूं कि आने वाला समय आसान नहीं है। आज रक्षा क्षेत्र में हमारे सामने जो चुनौतियां हैं, वे भविष्य में और बढ़ेंगी। ये चुनौतियां न सिर्फ बढ़ेंगी, बल्कि और जटिल भी होती जाएंगी।"
उन्होंने कहा कि आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब ऐसे संघर्ष भी देखने को मिल रहे हैं, जिनकी औपचारिक घोषणा तक नहीं होती। ऐसे में भविष्य का दुश्मन पारंपरिक रूप में नजर नहीं आएगा, बल्कि नए और अनदेखे तरीकों से चुनौती पेश कर सकता है।
राजनाथ सिंह ने जवानों से नई तकनीकों को सीखने और उनमें महारत हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौती शायद किसी नए, अनदेखे रूप में सामने आए। भारतीय सैनिकों ने हर दौर में बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला है और उन्हें भरोसा है कि भविष्य में भी सेना हर चुनौती का मजबूती से सामना करेगी।
रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक हथियार, आधुनिक तकनीक और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि देश की सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे।