Rajya Sabha Election 2026 से पहले ओडिशा कांग्रेस के छह विधायक अचानक बेंगलुरु पहुंचे। क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच कांग्रेस बीजद उम्मीदवार का समर्थन कर रही है। जानिए कौन-कौन विधायक गए और चौथी सीट पर क्या स्थिति है।
Rajya Sabha Election 2026: देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च 2026 को कराए जाएंगे। इस चुनाव से पहले ओडिशा कांग्रेस ने अचानक अपने छह विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया है। कहा जा रहा है कि ये विधायक कांग्रेस कर्नाटक के डिप्टी सीएम के बुलावे पर ही वहां पहुंचे हैं। वैसे तो ओडिशा में कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, लेकिन वह बीजू जनता दल (BJD) के उम्मीदवार का समर्थन कर रही है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा कांग्रेस के छह विधायक गुरुवार (12 मार्च) की रात को बेंगलुरु पहुंचे। वे रामनगर के बिदादी के पास एक निजी रिसॉर्ट में ठहरे हैं। ओडिशा कांग्रेस के जो छह विधायक कर्नाटक पहुंचे हैं, वे हैं: अशोक कुमार दास, प्रफुल्ल चंद्र प्रधान, पबित्रा सौंटा, कद्रका अप्पाला स्वामी, सीएस राजेन एक्का और सत्यजीत गोमांगो।
राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा से बेंगलुरु जाने वाले इन छह विधायकों को लेकर कांग्रेस की विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा कि आज सुबह (13 मार्च) मीडिया के माध्यम से मुझे पता चला कि कुछ विधायक राज्य के बाहर गए हैं। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। राज्यसभा चुनाव में 16 मार्च को मतदान के लिए कल सभी पार्टी विधायकों को भुवनेश्वर में रहने के लिए एक व्हिप जारी किया गया था। फिलहाल, हम उनके संपर्क में नहीं हैं।
उधर, क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए राज्यसभा चुनाव में ओडिशा कांग्रेस की तरफ से यह कदम उठाया गया माना जा रहा है। कर्नाटक के डिप्टी सीएम शिवकुमार पहले भी ऐसा कर चुके हैं, जब क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के चलते महाराष्ट्र और गुजरात के कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराया गया था।
ओडिशा की 147 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी को अभी 79 विधायकों का समर्थन हासिल है, जबकि बीजू जनता दल (BJD) के पास 50 सीटें हैं और कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं।
राज्य से जहां सत्तारूढ़ बीजेपी को दो राज्यसभा सीटों पर विजय की उम्मीद है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे को भी समर्थन मिल रहा है। बीजद की एक सीट पर जीत तय मान रही है।
चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी के पास प्रथम वरीयता वाले पर्याप्त वोट नहीं हैं। ऐसे में चौथी सीट पर क्रॉस वोटिंग की संभावना है। दत्तेश्वर होटा को जीत के लिए कांग्रेस के समर्थन की आवश्यकता होगी, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे को जीत के लिए विरोधी खेमों के कम से कम 8 विधायकों के समर्थन की उम्मीद करनी होगी।