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Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले टेंशन में कांग्रेस, इन राज्यों में फंस गया पेच

Rajya Sabha Election: अप्रैल में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने 16 मार्च को मतदान की घोषणा की है। चुनाव से पहले कांग्रेस क्रॉस वोटिंग के खतरे से चिंतित है, क्योंकि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पहले भी बहुमत के बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।

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Feb 21, 2026
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चिंतित (Photo-IANS)

Rajya Sabha Election: अप्रैल में 10 राज्यों की खाली होने वाली 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने वोटिंग का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस टेंशन में है, क्योंकि कई सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस (Indian National Congress) जीत सकती है लेकिन इतिहास बताता है कि क्रॉस वोटिंग के चलते जीतती हुई बाजी भी हाथ से निकल गई। इसके अलावा इस साल देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने है, ऐसे में राज्यसभा चुनाव के जरिए कांग्रेस अपने आप को एकजुट दिखाने का भी प्रयास करेगी।

हरियाणा में सियासी खेल हुआ शुरू

हरियाणा से बीजेपी सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। 90 सदस्यीय विधानसभा के हिसाब से एक सीट बीजेपी और एक कांग्रेस को मिल सकती है, लेकिन इससे पहले सियासी हलचल तेज हो गई है।

बता दें कि अगस्त 2022 में कांग्रेस के अजय माकन क्रॉस-वोटिंग की वजह से चुनाव हार गए थे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा बीजेपी (Bharatiya Janata Party) और जेजेपी के समर्थन से जीत गए थे। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 31 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। फिलहाल बीजेपी के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं।

हिमाचल में कांग्रेस को मिली थी हार

हिमाचल प्रदेश में 68 विधानसभा सीटें हैं। यहां पर एक सीट के लिए चुनाव होगा। यहां कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं, फिर भी उसे सावधान रहने की जरूरत है। बीजेपी के पास 28 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव 2024 में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए थे, क्योंकि कुछ कांग्रेस विधायकों और निर्दलीय सदस्यों ने बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन कर दिया था।

बिहार में भी फंसा पेच

बिहार में 5 सीटों के लिए चुनाव होना है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। एनडीए के पास 202 विधायक हैं और विपक्षी गठबंधन के पास महज 35 विधायक हैं। प्रदेश में एक सीट को जीतने के लिए 41 विधायकों की आवश्यकता है। एनडीए चार सीटें जीतती हुई नजर आ रही है। हालांकि, AIMIM भी चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी। यदि पूरा विपक्ष एकजुट रहता है, तो उसके खाते में एक सीट जा सकती है। यहां भी क्रॉस वोटिंग का खतरा बना हुआ है। 

एकजुटता दिखाने का मौका

इस साल देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्यसभा चुनाव के बहाने कांग्रेस एकजुटता दिखाने का प्रयास करेगी। इसके अलावा गठबंधन में भी एकजुटता दिखाना कांग्रेस के लिए अग्निपरीक्षा होगी। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार इसका तोड़ निकालने की कोशिश की जा रही है। 

पिछले दिनों हरियाणा में मतभेदों को सुलझाने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यक्रम में पहुंचे। इस बार कांग्रेस किसी भी कीमत पर अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है। 

Updated on:
21 Feb 2026 09:41 am
Published on:
21 Feb 2026 09:39 am
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