
Ram Mandir Donation Theft Issue: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। विपक्ष लगातार दोनों मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहा है। इसी बीच राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार से सदन में दोनों मुद्दों पर जवाब की मांग की है। वहीं विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन कर सदन में अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया।
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना होगा। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री संसद में आकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित तौर पर किए गए पेलेट गन इस्तेमाल की जानकारी दें।
वहीं कांग्रेस सांसद ने दूसरा मुद्दा उठाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से भी जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे और चढ़ावे में कथित चोरी कैसे हुई, जबकि मंदिर ट्रस्ट प्रधानमंत्री की निगरानी में था।
बता दें कि विपक्षी दल 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगातार निशाना साध रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए उनसे जवाबदेही की मांग की।
दरअसल, प्रदर्शन कर रहे सांसद संसद भवन के प्रवेश द्वार के पास एकत्र हुए। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। सांसदों ने एक बड़ा बैनर भी दिखाया, जिस पर लिखा था- अमित शाह संसद से गायब क्यों?
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने अमित शाह जवाब दो और अमित शाह कहां गायब हैं? जैसे नारे लगाए।
इस दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि गृह मंत्री से पूछा जाना चाहिए कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ क्या हुआ और अब एक सांसद के साथ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि देश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि देश प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने की उम्मीद कर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो भगोड़े कारोबारी भी बैंकों को माफ करने की बात कह सकते हैं।