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Ram Mandir donation scam: ‘रामद्रोहियों’ की बड़ी साजिश? आरोपी 6 महीने से यूपी के विपक्षी नेताओं के संपर्क में थे!

Ram Temple donation controversy: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले में आया नया मोड़! विपक्ष पर लगा साजिश का गंभीर आरोप, जांच एजेंसियों की पैनी नजर। क्या हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ के पीछे है कोई बड़ी सियासी चाल?
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Boora Narsaiah Goud
Boora Narsaiah Goud

Boora Narsaiah Goud statement: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही देश-विदेश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था इससे जुड़ी हुई है। लेकिन हाल ही में सामने आए राम मंदिर दान घोटाले (राम मंदिर डोनेशन एम्बेजलमेंट केस) ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अब इस पूरे मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आ गया है, जिसने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बूरा नरसैया गौड़ (Boora Narsaiah Goud) ने आरोप लगाया है कि इस महाघोटाले के तार उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं से जुड़े हो सकते हैं, जिसका मकसद राम मंदिर और हिंदुओं की आस्था को बदनाम करना है।

ANI से बातचीत में गौड़ ने कहा कहा, 'इस मामले में कुछ कर्मचारियों ने भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त होकर कई हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। लेकिन वे राजनीतिक दल, जो राम मंदिर या भगवान राम के अस्तित्व में विश्वास नहीं करते थे, अब इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

आज मैंने कुछ रिपोर्टें देखीं, जिनमें कहा गया है कि आरोपी पिछले 6 महीनों से उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं के संपर्क में थे। अगर यह सच है, तो संभव है कि कुछ तत्व राम मंदिर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हों। जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को जनता का विश्वास बहाल करने के लिए सबसे कड़ी सजा दी जाएगी।'

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीन बड़े फैसले

बता दें कि एसआईटी ने मामले में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में में दान की गिनती के दौरान कथित चोरी और धन की हेराफेरी के प्रथम दृष्टया सबूत मिलने की बात कही है। यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी गई है।

वहीं सोमवार श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक कर तीन बड़े फैसले लिए हैं- 1. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। 2. पूर्व IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव बनाया गया है। 3. अयोध्या में राम मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी के लिए चीफ एग्जीक्यूटिव अधिकारी (सीईओ) नियुक्त होगा।

ट्रस्ट ने यह भी ऐलान किया है कि भक्तों को मंदिर में दान किए गए कीमती सामान के वेरिफिकेशन की सुविधा दी जाएगी। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास अनियमितता के ठोस प्रमाण है, तो एसआईटी को दें।

Updated on:
07 Jul 2026 10:45 am
Published on:
07 Jul 2026 09:55 am