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विपक्ष ने PM मोदी और RSS को घेरा: कहा- राम मंदिर का पूरा कंट्रोल आपके पास, तो अब पल्ला क्यों झाड़ रहे हैं?

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले में कड़ी सजा की मांग की और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को उन्हें बचाने का प्रयास बताया।
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Jul 06, 2026
Mohan Bhagwat and PM Narendra Modi
मोहन भागवत और पीएम नरेंद्र मोदी

Ram Mandir Trust Resignations: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा की विदाई के बाद देश की राजनीति में एक नया उबाल आ गया है। इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे मामले को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है। विपक्ष का साफ कहना है कि मंदिर प्रोजेक्ट का पूरा रिमोट कंट्रोल जब पीएमओ और आरएसएस के पास था, तो अब इन इस्तीफों के जरिए शीर्ष नेतृत्व अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता।

क्या पीएम मोदी और मोहन भागवत जिम्मेदारी लेंगे: पवन खेड़ा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने इस मामले पर सीधे पीएम मोदी और मोहन भागवत की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई छुपा हुआ तथ्य नहीं है कि राम मंदिर निर्माण का पूरा प्रोजेक्ट सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और आरएसएस के बड़े पदाधिकारियों की देखरेख में चल रहा था। हर छोटा-बड़ा फैसला वहीं से लिया जाता था।

पवन खेड़ा ने तीखा सवाल करते हुए कहा कि जब सब कुछ उनके ही कंट्रोल में था, तो आज जब गड़बड़ियों की बातें सामने आ रही हैं और इस्तीफे हो रहे हैं, तो असली जिम्मेदारी किसकी बनती है? क्या इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री मोदी और मोहन भागवत की नहीं है? सिर्फ नीचे के लोगों का इस्तीफा करवा देने से सरकार इस पूरे मामले से अपना हाथ पीछे नहीं खींच सकती।

हिंदुओं को सिर्फ इस्तीफा नहीं, दोषियों को सख्त सजा चाहिए: अरविंद केजरीवाल

दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। केजरीवाल ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के ट्रस्ट से हटने पर कहा कि देश के करोड़ों हिंदुओं के लिए राम मंदिर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। मंदिर के काम में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

केजरीवाल ने कहा कि आज देश का हिंदू सिर्फ इन लोगों के इस्तीफों से शांत होने वाला नहीं है। अगर मंदिर निर्माण के काम में या ट्रस्ट के फैसलों में कोई भी गड़बड़ी हुई है, तो उन लोगों को सिर्फ पद से हटा देना काफी नहीं है। इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त कानूनी सजा मिलनी चाहिए, ताकि देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ इंसाफ हो सके।

विपक्ष के इन तीखे हमलों के बाद अब गेंद सरकार और बीजेपी के पाले में है। देखने वाली बात होगी कि राम मंदिर ट्रस्ट में हुए इस बड़े फेरबदल और विपक्ष के इन तीखे सवालों पर सत्ता पक्ष की तरफ से क्या सफाई सामने आती है।

Updated on:
06 Jul 2026 10:02 pm
Published on:
06 Jul 2026 10:02 pm