राम पाडा जमातिया (Ram Pada Jamatia) निर्विरोध त्रिपुरा विधानसभा के नए स्पीकर चुने गए है। BJP और सहयोगी दलों के समर्थन से यह चुनाव शांतिपूर्ण रहा। बजट सत्र के दौरान यह बदलाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
त्रिपुरा की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है, जहां विधानसभा को नया स्पीकर मिल गया है। यह चुनाव उस समय हुआ जब पूर्व स्पीकर बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद यह पद खाली था। बुधवार को वरिष्ठ भाजपा विधायक राम पाडा जमातिया को निर्विरोध त्रिपुरा विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया। इस फैसले ने राज्य की सियासत में स्थिरता का संकेत दिया है और सभी दलों ने मिलकर इस प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया।
राम पाडा जमातिया का नाम 12 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों टिपरा मोथा पार्टी (TMP) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने समय पर अपना नामांकन दाखिल किया और कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आया। कार्यवाहक स्पीकर राम प्रसाद पॉल ने सदन में घोषणा की कि जमातिया ही एकमात्र उम्मीदवार हैं, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध स्पीकर घोषित कर दिया जाता है। मुख्यमंत्री माणिक साहा, विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें स्पीकर की कुर्सी तक पहुंचाया।
69 वर्षीय जमातिया एक अनुभवी आदिवासी नेता हैं, जो गोमती जिले की बगमा विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2017 में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) से रिटायरमेंट के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। इससे पहले वे त्रिपुरा जूट मिल में भी कार्यरत रहे। 2022 से 2023 के बीच उन्होंने जनजातीय कल्याण और उद्योग एवं वाणिज्य (हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट्स और सेरिकल्चर) मंत्री के रूप में भी काम किया। वे 1972 में राज्य बनने के बाद विधानसभा के दूसरे आदिवासी स्पीकर बने हैं, इससे पहले यह पद सुधन्वा देबबर्मा ने संभाला था।
इस बीच, त्रिपुरा विधानसभा का बजट सत्र 13 मार्च से शुरू हो चुका है, जिसकी शुरुआत राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू के अभिभाषण से हुई। 16 मार्च को वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने 2026-27 के लिए 34,212.31 करोड़ रुपये का टैक्स फ्री डेफिसिट बजट पेश किया। इस बजट में त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) के लिए अधिक फंड का प्रावधान किया गया है, क्योंकि 13 अप्रैल को इसके चुनाव होने हैं। साथ ही, सरकार ने त्रिपुरा वूमेन्स यूनिवर्सिटी, त्रिपुरा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज और त्रिपुरा टेक्निकल यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए तीन अहम बिल भी पेश किए हैं।