केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देगी।
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बड़ा ऐलान किया है। आठवने ने शनिवार को कहा है कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देगी। इसके साथ ही उन्होंने वक्फ बिल और आरक्षण पर अपनी राय रखी है।
आठवले ने कहा कि वह बिहार के चुनावी माहौल का जायजा लेने के लिए यहां आए हैं। उनका कहना है कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) बिहार में एक भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उसका रुख एनडीए के समर्थन में रहेगा।
उन्होंने कहा है कि वह तीन दिन के दौरे पर आए है और विधानसभा चुनाव को लेकर अपने कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। मैं उन्हें आदेश दूंगा कि हम बिहार में एक भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे और एनडीए का समर्थन करेंगे। आज मैंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आश्वस्त किया है कि मेरी पार्टी एनडीए का हिस्सा रहेगी और बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। मैं एनडीए के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए भी आऊंगा, हम यहां चुनाव जीतने जा रहे हैं।
आठवले ने बिहार में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़े वर्गों के लिए तय 65 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में डालने के बारे में भी बयान दिया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आरक्षण का मुद्दा मेरे मंत्रालय का है। एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को नौवीं अनुसूची में डालने के लिए पहले एक एक्सपर्ट कमेटी से बात करनी पड़ेगी। जो मांग हो रही है, उस पर हमारा मंत्रालय सकारात्मक रूप से विचार करेगा।
वक्फ संशोधन विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि इस बिल पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, वक्फ संशोधन विधेयक आम मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। यह उन लोगों के खिलाफ है जो वक्फ की संपत्ति पर कब्जा किए बैठे हैं। इसका फायदा आम मुसलमानों को होगा, क्योंकि इस विधेयक के पारित होने से उन संपत्तियों का कब्जा आम मुसलमानों के हाथ में आएगा। इसलिए, मैं सभी मुसलमानों से अनुरोध करता हूं कि वे वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करें। यह आम मुसलमानों के पक्ष में है।