
Jharkhand Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों ने आंदोलन किया था। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी। इसी आंदोलन की तर्ज पर अब झारखंड में भी छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन तेज रहो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों को CJP का समर्थन मिला हुआ है।
बता दें कि जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल की थी। वहीं झारखंड में भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रविवार से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
भूख हड़ताल शुरू करने के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद से ही छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया था। पिछले महीने की 2 तारीख को रिजल्ट घोषित हो गया था और इसके बाद 5 तारीख को आंदोलन शुरू हो गया।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों ने 7 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात की और 8 जुलाई को विरोध स्वरूप पुतला दहन किया। इसके बाद 20 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर कथित अनियमितताओं से जुड़े सबूत सौंपे गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) छात्रों की शिकायतों का समाधान करने में असफल रहे हैं।
महतो ने कहा कि छात्रों का मनोबल बनाए रखने और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मैंने आज से अन्न त्यागने का फैसला किया है। हमारी मुख्य मांग 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना और TDPL एजेंसी के माध्यम से कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच कराना है।
छात्र नेता ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांग पत्र पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं…
छात्रों ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान होना चाहिए। आंदोलन के तहत रांची में छात्रों ने मशाल जुलूस भी निकाला और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।