
Independence Day 2026: राष्ट्रपति भवन अपनी सांस्कृतिक और खानपान की विविधता के लिए जाना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस रिसेप्शन (At Home) का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण संरक्षण की परंपराओं को सामने रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन को भारत की कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच के तौर पर विकसित किया गया है। यहां राजकीय स्वागत समारोहों, विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए आयोजित भोज और Artists-in-Residence जैसे कार्यक्रमों के जरिए देश की कला और संस्कृति को सामने रखा जाता है।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस रिसेप्शन में छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखा जाएगा। इसमें समुदायों, संस्कृति और प्रकृति के बीच संबंध को भी रेखांकित किया जाएगा।
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के रिसेप्शन के मेन्यू में इन राज्यों की सांस्कृतिक और खानपान की विविधता को दिखाने वाले व्यंजन शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 500 से ज्यादा मेहमानों के लिए आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, राजनीतिक हस्तियां, राजनयिक, राजदूत और अन्य विदेशी गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। मेन्यू में 7 खास व्यंजन शामिल हैं, जो अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक खानपान संस्कृति को दर्शाते हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर का लोकप्रिय नाश्ता इंदौरी पोहा इस खास मेन्यू का हिस्सा होगा। इसे आमतौर पर चपटे चावल से तैयार किया जाता है, जो हल्के और मुलायम होते हैं। इंदौरी शैली के पोहे में जीरावन मसाला, सेव, ताजा धनिया, प्याज और अनार के दाने डाले जाते हैं। इससे इसमें तीखा, खट्टा, कुरकुरा और हल्का मीठा स्वाद आता है। इसमें सौंफ का इस्तेमाल और हल्का मीठा पोहा भी इंदौरी शैली की खासियत बताई गई है।
गोवा की पारंपरिक मिठाई पटोलियो को पटोली या पटोले के नाम से भी जाना जाता है। इसे चावल के आटे के घोल या चावल के पेस्ट को भाप में पकाकर बनाया जाता है। इसके अंदर कद्दूकस किया हुआ नारियल, गुड़ और इलायची की फिलिंग होती है। इसे सुगंधित हल्दी के पत्तों में लपेटकर भाप में पकाया जाता है। हल्दी के पत्तों के इस्तेमाल से इसमें खास खुशबू और स्वाद आता है। यह मिठाई मुलायम, हल्की मीठी और सुगंधित होती है।
मिनी फर्रा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक फर्रा का छोटा रूप है। यह चावल के आटे से तैयार होने वाला भाप में पकाया जाने वाला व्यंजन है।इसे चावल के आटे के आटे से बनाया जाता है और इसमें क्षेत्रीय रेसिपी के अनुसार चना दाल, मसाले और हर्ब्स जैसी सामग्री भरी या मिलाई जाती है।
छत्तीसगढ़ का पारंपरिक बफौरी भी स्वतंत्रता दिवस रिसेप्शन के मेन्यू में शामिल है। यह भाप में पकाया जाने वाला स्नैक है, जिसे मुख्य रूप से चना दाल से तैयार किया जाता है। इसके लिए चना दाल को भिगोकर पीसा जाता है। इसमें अलग-अलग मसाले मिलाने के बाद इसे आकार देकर भाप में पकाया जाता है। इसे चटनी के साथ परोसा जाता है।
महाराष्ट्र की पारंपरिक खमंग ककड़ी भी मेन्यू में शामिल की गई है। यह बारीक कटी हुई खीरे से तैयार होने वाला सलाद है। इसमें ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, भुनी और कुटी हुई मूंगफली, हरी मिर्च और धनिया डाला जाता है। इसके ऊपर सरसों के दानों का साधारण तड़का लगाया जाता है। यहां 'खमंग' शब्द इसके खास सुगंधित और स्वादिष्ट फ्लेवर को दर्शाता है।
गोवा की पारंपरिक मिठाई डोडोल भी मेहमानों को परोसी जाएगी। यह गाढ़ी, चबाने योग्य और फज जैसी बनावट वाली मिठाई है। इसे नारियल के दूध, गुड़ और चावल के आटे से तैयार किया जाता है। इसमें कैरेमल जैसा स्वाद आता है।
मेन्यू में कोदो मिलेट खीर भी शामिल है। यह कोदो मिलेट, दूध और चीनी या गुड़ से तैयार की जाने वाली भारतीय मिठाई है। कोदो मिलेट को तब तक पकाया जाता है जब तक यह नरम और मलाईदार न हो जाए। इसके बाद इसमें इलायची, केसर और ड्राई फ्रूट्स जैसी सामग्री से स्वाद दिया जा सकता है। इसे गर्म या ठंडा, दोनों तरह से परोसा जा सकता है।