
Ravi UchaniMalaysia India Extortion Network:मलेशिया में बैठकर भारत के कई राज्यों में एक्स्टॉर्शन नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। हरियाणा पुलिसने इस संबंध में 22 वर्षीय रवि उचाना नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि रवि मलेशिया और भारत के कई राज्यों के बीच चल रहे जबरन वसूली नेटवर्क का हिस्सा था। रवि के पिता ने 2024 में उसे मलेशिया भेजने के लिए 1 लाख रुपये उधार लिए और अपनी ज़मीन बेच दी। इस उम्मीद में कि बेटे का भविष्य सुरक्षित हो जाए, लेकिन बेटे के इरादे कुछ और ही थे। रवि उचाना की असलियत सामने आने के बाद मलेशिया से उसे डिपोर्ट किया गया और शुक्रवार को हरियाणा पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के रवि तक पहुंचने की कहानी बेहद दिलचस्प है। मलेशिया के फोन नंबर से झारखंड के रांची में एक व्यापारी को एक्स्टॉर्शन कॉल किया गया। कॉल करने वाले का लहजा हरियाणवी लग रहा था। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जब यह बात पता चली, तो उसके दिमाग की बत्ती जल गई। STF का ध्यान राज्य के उन युवाओं की ओर गया, जो काम के सिलसिले में मलेशिया गए हैं। इसके बाद पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ते हुए जींद जिले के उचाना गांव के रहने वाले रवि उचाना तक पहुंची। पुलिस को पता चला कि रवि 4 मार्च, 2024 को मलेशिया गया था। पुलिस ने जब रवि की कुंडली खंगालना शुरू किया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। रवि शुरू में गैंगस्टर्स के लिए ‘डब्बा कॉलर’ के तौर पर काम करता था। उसका काम केवल फिरौती के लिए कॉल करना था। बाद में उसने अपना नेटवर्क खड़ा कर डाला। हरियाणा के एक गैंग की मदद से उसने एक्स्टॉर्शन का धंधा शुरू कर दिया। इस गैंग के अपराधी कथित तौर पर जेल से ऑपरेट करते थे।
दिसंबर 2025 में, हरियाणा STF को रांची में कोयला खदान के एक बिजनेसमैन को की गई एक्स्टॉर्शन कॉल के बारे में जानकारी मिली। असिस्टेंट कमिश्नर अमन कुमार की अगुवाई में जांच करने वाली टीम ने कॉलर की हरियाणा बोली पर फोकस किया। इससे पुलिस को एक सुराग मिला कि जांच कहां से शुरू करनी है। पुलिस ने कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए मलेशियाई नंबर को ट्रेस करते हुए हरियाणा के उन युवाओं पर अपनी जांच केंद्रित की जो मलेशिया गए थे। इस तरह पुलिस रवि उचाना तक पहुंची। जांचकर्ताओं ने उचाना के कुछ दोस्तों और साथियों से पूछताछ की, जो उसके साथ विदेश गए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उचाना शुरू में डब्बा कॉलिंग में शामिल था यानी दूसरे गैंगस्टर्स के लिए कॉल करना। बाद में उसने खुद मलेशिया से भारतीय व्यापारियों को जबरन वसूली के लिए कॉल करना शुरू कर दिया। जांच से यह भी सामने आया कि उचाना के कथित नेटवर्क में हरियाणा में भी लोग मौजूद थे, जो पैसा देने से इनकार करने वाले व्यापारियों के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते थे।
STF ने अब तक आठ लोगों की पहचान करके उन्हें हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि वे इस नेटवर्क के लिए शूटर के तौर पर काम कर रहे थे। इसके अलावा, पुलिस ने दो अन्य अपराधियों की भी पहचान की है, जो कथित तौर पर जेल के अंदर से ऑपरेट करते थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उचाना लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़ा हुआ है। जांचकर्ताओं ने कथित नेटवर्क और उसमें उचाना की भूमिका का पता लगाने के लिए पैसे के लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और साथियों से पूछताछ का इस्तेमाल किया। यह साफ होने के बाद कि इस पूरे नेटवर्क में रवि उचाना की प्रमुख भूमिका है, हरियाणा पुलिस ने उसे वापस भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की और फिर इंटरपोल से संपर्क किया। इसके बाद मलेशियाई अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया और ज़रूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया।
इस तरह, लगभग नौ महीने की जांच के बाद पुलिस उचाना को गिरफ्तार करने में कामयाब हुई। कॉलर के लहजे से आरोपी को खोज निकालने के लिए हरियाणा पुलिस की तारीफ हो रही है।