
Bihar RJD-JDU Alliance: बिहार में मचे सियासी घमासान के बीच मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से एक बड़ी पेशकश की गई है। राजद की ओर से कहा गया है कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा का साथ छोड़ दे तो राजद उन्हें गले लगाने को तैयार है। बता दें कि जदयू नेता आरसीपी सिंह के पार्टी से इस्तीफे के बाद बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम तेज हो चला है। कल जदयू के साथ-साथ राजद के विधायकों की मीटिंग बुलाई गई है।
विधायकों की बैठक से पहले आज राजद की ओर जदयू को गले लगाने की पेशकश की गई। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि मंगलवार को दोनों दलों द्वारा विधायकों की बैठक बुलाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थिति सामान्य नहीं है। शिवानंद तिवारी ने कहा कि अगर नीतीश कुमार भाजपा से नाता तोड़ लेते हैं तो वह जदयू को 'गले लगाने' के लिए तैयार हैं।
शिवानंद तिवारी ने कहा, "व्यक्तिगत रूप से, मुझे बिहार में चल रही घटनाओं के बारे में पता नहीं है। लेकिन हम इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि दोनों दलों के पास बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। इस दोनों दलों ने ऐसी बैठक बुलाई हैं, जब विधानसभा का सत्र नजदीक नहीं है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन टूट जाए।
राजद भाजपा से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध- शिवानंद तिवारी
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने आगे कहा कि अगर नीतीश एनडीए को छोड़ना चुनते हैं, तो हमारे पास उन्हें गले लगाने के अलावा और क्या विकल्प है। राजद भाजपा से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। अगर मुख्यमंत्री इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला करते हैं, तो हमें उन्हें साथ ले जाना होगा। बताते चले कि बिहार में राजद 80 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। जबकि जदयू के 45 विधायक है। ये दोनों मिल जाए तो सरकार बना सकते हैं।
उल्लेखनीय हो कि बिहार में एनडीए गठबंधन में टूट की बात तब जोर पकड़ी जब आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए जदयू पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके आरोपों के जवाब में जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा था कि पार्टी तोड़ने की मंशा रखने वालों पर एक्शन किया गया है। जदयू की ओर से कहा गया कि बिहार में महाराष्ट्र की कहानी दोहराने की साजिश थी। आरसीपी सिंह को एकनाथ शिंदे के रूप में देखा जा रहा था।