Republic Day Parade: परेड के दौरान भारतीय सैन्य टुकड़ियां उसी क्रम में मार्च पास्ट करेंगी, जिस क्रम में वह युद्ध के दौरान अपनी भूमिका निभाती हैं। इस परेड में भैरव लाइट कमांडो बटालियन और कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म को भी दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।
Republic Day Parade: 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर एकबार फिर दुनिया भारत की सैन्य शक्ति देखेगी। इस बार भारत सरकार ने यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन को एक साथ गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट बनने का न्योता दिया है।
एंटोनियो कोस्टा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष। ये दोनों पद EU की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं का नेतृत्व करते हैं और 27 देशों के समूह में नीतिगत फैसलों से लेकर वैश्विक रणनीति तक उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली गणतंत्र दिवस परेड में भैरव लाइट कमांडो बटालियन और कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म को भी दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। जिन्हें फेज बेस्ड वार इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में दिखाया जाएगा।
इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार होगा जब जनता सैन्य हथियारों को उसी क्रम में देखेगी। जिस क्रम में युद्ध के दौरान उनका इस्तेमाल किया जाता है। परेड के दौरान सभी हथियार कर्तव्य पथ पर एक वास्तविक युद्ध परिदृश्य के समान संरचनाओं में आगे बढ़ेंगे। जिसकी शुरुआत टोही से होगी। फिर लॉजिस्टिक और अन्य सैन्य संबंधी इकाइयों के सैनिक युद्ध गियर पहने हुए कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगे।
कर्तव्य पथ पर सबसे पहले हाई मोबिलिटी टोही वाहनों का काफिला गुजरेगा। फिर एंटी टैंक मिसाइलों के साथ अपाचे और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड कर्तव्य पथ के आसमान में उड़ान भरेंगे। इसके बाद टैंक, BMP, तोपखाने की बंदूकें, वायु रक्षा प्लेटफॉर्म और मिसाइलें, इन कॉलम को सपोर्ट करने वाले लॉजिस्टिक्स वाहन, रोबोटिक कुत्ते, बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर टट्टू का प्रदर्शन किया जाएगा। सबसे आखिर में इंफ्रेंट्री कॉलम और भैरव लाइट कमांडो बटालियन दस्ता राष्ट्रपति को सलामी देते हुए गुजरेगा।
रिपब्लिक डे परेड को लेकर भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 61 कैवलरी के घुड़सवार कॉलम और युद्ध संरचना द्वारा किया जाएगा। परेड के दौरान सात मार्चिंग टुकड़ियों, HMRV (हाई मोबिलिटी रेकी व्हीकल – BFSR और ATGM) और ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर, T-90, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, BMP-II और NAMIS-II नाग मिसाइल सिस्टम, IOC (इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर), UGVs, ATV (ऑल टेरेन व्हीकल), LSV (लाइट स्ट्राइक व्हीकल) ट्रेलर के साथ (रोबोटिक खच्चर और UGV), शक्तिबान, ATAGS और धनुष, URLS और ब्रह्मोस, आकाश और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल बराक 8, ड्रोन शक्ति और ग्लेशियर ATV का प्रदर्शन होगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जांस्कर टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट और हैंडलर के साथ कुत्तों का एक एनिमल दल, स्काउट्स दल, राजपूत दल, असम दल, JAK LI दल, आर्टिलरी दल, 'ऊंचा कदम ताल' में भैरव दल और लद्दाख स्काउट्स सलामी मंच के सामने से मार्च करेंगे।
परेड के दौरान हाई मोबिलिटी टोही वाहन दिखाए जाएंगे। इनमें स्पेशल फोर्सेज, बख्तरबंद और मशीनीकृत रेजिमेंट और इन्फैंट्री के टोही सैनिक भी शामिल होंगे। ये वाहन सर्विलांस ड्रोन और युद्धक्षेत्र निगरानी रडार से लैस हैं। उन्हें एंटी-टैंक सपोर्ट देने के लिए उनमें ATGMs होंगे। युद्धक्षेत्र के परिदृश्य में हेलीकॉप्टर और विमान जैसे हवाई उपकरणों का प्रदर्शन भी शामिल होगा। इसके बाद T-90, MBT अर्जुन, BMP II और NAMIS II नाग मिसाइल सिस्टम के मशीनीकृत कॉलम दिखाए जाएंगे।
जांस्कर टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट और हैंडलर के साथ कुत्तों का एक एनिमल दल सलामी मंच के सामने से मार्च करेगा। एकीकृत ऑपरेशनल सेंटर, जहां अलग-अलग निगरानी उपकरणों का उपयोग करके पूरी लड़ाई पर बारीकी से नजर रखी जाती है, उसे इसके बाद दिखाया जाएगा। फिर मानवरहित ग्राउंड वाहन, ऑल-टेरेन वाहन और हल्के स्ट्राइक वाहन होंगे। रोबोटिक खच्चर, इन कॉलम को सपोर्ट करने वाले लॉजिस्टिक्स वाहन, रोबोटिक कुत्ते, बैक्ट्रियन ऊंट और जांस्कर टट्टू भी होंगे।
पूरे प्रदर्शन में लगभग 15 मिनट लगेंगे। परेड में कुल 18 मार्चिंग दल और 13 बैंड हिस्सा लेंगे। फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, P8I, C-295, MiG-29, अपाचे, LCH, ALH, Mi-17 को अलग-अलग फॉर्मेशन में दिखाया जाएगा। परेड का एक और मुख्य आकर्षण IAF के पूर्व सैनिकों की झांकी होगी, जो राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की झलक दिखाएगी।