पत्रिका की-नोट कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना है तो मीडिया को मजबूत करना होगा।
पत्रिका की-नोट कार्यक्रम में संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अजय रस्तोगी ने कहा कि मैं सबसे पहले पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश को नमन करता हूं। इस मंच ने मेरा पुराना सपना साकार किया है। पत्रिका समुह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के लिए जो कुछ भी कहूं कम होगा।
मैं गुलाब कोठारी जी को दिल से नमन करता हूं। मैं आपका संपादकीय हर बार पढ़ता हूं। राजस्थान पत्रिका में जितने भी संपादकीय आते हैं, सभी दिल की गहराइयों में गुजर जाते हैं। दिल को छू लेते हैं। शायद मेरा पास इतने शब्द नहीं हैं। डेमोक्रेसी और मिडिया साथ-साथ चलते हैं। अगर आप संविधान को देखें तो 140 करोड़ की जनता की आवाज ये संविधान उठाता है।
लोकतंत्र के तीन स्तंभ- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। आज के परिपेक्ष में मीडिया देश के तीनों पिलर को उनकी ड्यूटी याद दिलाता है। राजस्थान पत्रिका का हिंदी में सबसे अधिक सर्कुलेशन है। जब मैं केरल में था, तब भी मेरे घर पर राजस्थान पत्रिका आती थी। अगर आपको इस देश में डेमोक्रसी को मजबूत करना है तो मीडिया मजबूत करना होगा।
मीडिया को स्वतंत्र करना होगा। मीडिया किसी पार्टी की नहीं होनी चाहिए। यह देश के लिए अति आवश्यक है। अगर न्यायपालिका की बात करें तो यह बेहर निष्पक्षता से अपना काम करती है। यह मौलिक अधिकार की रक्षा करती है। मीडिया और संविधान सभी साथ-साथ काम करते हैं।