
Doctor Death Case: कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल मामले की शिकार एक डॉक्टर के शव का कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने के मामले में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व MLA निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया। मृतका के पिता की शिकायत पर खारदाह पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में घोष और दो अन्य लोगों के नाम शामिल थे।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपियों की देखरेख में बहुत जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया, ताकि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना को रोका जा सके और सबूत छिपाए जा सकें। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह नया मामला RG Kar मामले की CBI जांच से अलग है।
अधिकारी ने बताया, "CBI RG Kar हॉस्पिटल में हुए मामले की जांच कर रही है, जो कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। खारदाह पुलिस स्टेशन में दर्ज नई FIR मृतका के परिवार की शिकायतों पर आधारित है, जिनमें सबूत छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों की सहमति के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया गया है।
अधिकारी ने कहा था कि अंतिम संस्कार को लेकर कई सवाल थे, जिसमें अंतिम संस्कार की फीस माफ करने का आरोप और जरूरी कागजात पर पीड़िता के परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर न होना शामिल है। अंतिम संस्कार में घोष, डे और मुखर्जी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। कोर्ट की निगरानी में चल रही CBI जांच के अलावा, एक नया केस अलग से दर्ज करने का आदेश दिया है। मैंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर से इस मामले में जरूरी कदम उठाने को कहा है। 31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर 9 अगस्त, 2024 को RG Kar मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के सेमिनार रूम में संदिग्ध अवस्था में मृत पाई गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, शव को पानीहाटी के श्मशान घाट ले जाया गया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने अंतिम संस्कार की सहमति वाले कागजात पर हुए हस्ताक्षरों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये हस्ताक्षर कथित तौर पर पड़ोसियों के थे, न कि पीड़िता के माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों के।