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Road Accident: तमिलनाडु में दर्दनाक हादसा, आपस में टकराईं यात्रियों से भरी दो बसें, 6 लोगों की मौत और 50 घायल

तमिलनाडु के तेनकासी में दो प्राइवेट बसों की टक्कर हो गई है। इसमें कई लोगों की मौत हो गई है।
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Nov 24, 2025
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- ANI)

तमिलनाडु के तेनकासी जिले में दो पैसेंजर बस आपस में टकरा गईं हैं। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे समेत 6 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 50 से ज्यादा लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घायलों को हाथ, पैर और सिर में फ्रैक्चर समेत गंभीर चोटें आईं हैं। जब हादसा हुआ, तब दोनों बसों में कम से कम 55 लोग सवार थे।

पुलिस के मुताबिक, एक प्राइवेट बस तेनकासी से कदयानल्लूर जा रही थी। वहीं, दूसरी बस मदुरै से उल्टी दिशा में तेनकासी की ओर आ रही थी।

यहां टकराईं दो बसें

थिरुमंगलम-शेंगोट्टई नेशनल हाईवे रोड पर दुरईसामियापुरम के पास बस एक-दूसरे से टकरा गईं। टक्कर में दोनों बसें बुरी तरह डैमेज हो गईं। इस हादसे के बाद सभी अधिकारी आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे।

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ए के कमल किशोर, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस एस अरविंद, एलाथुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी और फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन किया। हादसे से इलाके में दहशत फैल गई। फिलहाल, मृत लोगों की पहचान नहीं हो पाई है।

दो बाइकों की भी हुई टक्कर

इससे पहले, सोमवार को ही कर्नाटक में बीदर जिले के जनवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चंबोल-बेनाकनहल्ली रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई।

जिसमें पांच साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की पहचान मल्लिकार्जुन (35), उनकी बेटी महालक्ष्मी (5) और पवन (28) के रूप में हुई है।

तमिलनाडु में भगदड़ से मची थी खलबली

साल 2025 में तमिलनाडु ने कई दर्दनाक हादसों का सामना किया, जिनमें सड़क दुर्घटनाएं, भगदड़, औद्योगिक दुर्घटनाएं और रेल हादसे प्रमुख रहे। इन घटनाओं ने राज्य सरकार और केंद्र को सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया।

सितंबर में तमिल अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख विजय की चुनावी रैली के दौरान भारी भीड़ में भगदड़ मच गई। आयोजकों ने 10,000 लोगों की अनुमानित संख्या बताई थी, लेकिन वास्तव में 27,000 से अधिक लोग पहुंच गए।

इस वजह से मची थी भगदड़

कार्यक्रम में देरी और बिजली कटौती ने अफरा-तफरी बढ़ा दी। इस भगदड़ में 40 लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से अधिक घायल हुए। इसमें लोग झोपड़ियों में घुसकर जान बचाने लगे, लेकिन छप्पर फटने से और हाहाकार मच गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शोक व्यक्त किया। स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी। वहीं, विजय ने मृतकों के परिजन को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख की मदद का ऐलान किया।

Updated on:
24 Nov 2025 02:36 pm
Published on:
24 Nov 2025 02:36 pm