Rohit Sharma Body Shaming Row: शमा मोहम्मद ने मीडिया से बात करते हुए अपने बयान पर कहा, ‘यह एक खिलाड़ी की फिटनेस के बारे में सामान्य ट्वीट था। यह बॉडी शेमिंग नहीं थी। मुझ पर बिना किसी कारण के हमला किया गया। मैंने उनकी तुलना पिछले कप्तानों से की। मुझे इसका अधिकार है। ऐसा कहने में क्या गलत है, क्या यह लोकतंत्र है?'
Rohit Sharma Body Shaming Row: केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद की ओर से भारतीय क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस पर की गई हालिया टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे पूरी तरह से दयनीय बताया। रोहित शर्मा पर शमा मोहम्मद की "मोटा" टिप्पणी पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए खेल मंत्री ने राजनीतिक दलों से एथलीटों के पेशेवर जीवन से दूर रहने और उनके प्रयासों का सम्मान करने का आग्रह किया।
मनसुख मंडाविया ने एक्स पर लिखा, "कांग्रेस और TMC को खिलाड़ियों को अकेला छोड़ देना चाहिए क्योंकि वे अपने पेशेवर जीवन को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। इन पार्टियों के नेताओं की ओर से की गई टिप्पणियां, जिसमें शरीर पर शर्मसार टिप्पणी करना और टीम में एथलीट की जगह पर सवाल उठाना शामिल है, न केवल बेहद शर्मनाक है बल्कि पूरी तरह से दयनीय भी है। इस तरह की बातें हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और त्याग को कमतर आंकती हैं। वे वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।"
पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद पर हमला बोला। भारतीय कप्तान पर मोहम्मद की टिप्पणी पर युवराज सिंह के पिता योगराज ने कहा कि वह इस देश के प्रधानमंत्री होते, तो वह शमा मोहम्मद से अपना बैग पैक करके देश छोड़ने के लिए कहते।
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने एक अब डिलीट हो चुकी सोशल मीडिया पोस्ट में भारतीय क्रिकेट कप्तान और अनुभवी खिलाड़ी रोहित शर्मा को मोटा कहा था और कहा था कि उन्हें अपना वजन कम करने की जरूरत है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि शर्मा “भारत के अब तक के सबसे अप्रभावी कप्तान हैं!”
अपने पोस्ट पर बोलते हुए शमा मोहम्मद ने मीडिया को बताया कि यह एक खिलाड़ी की फिटनेस के बारे में एक सामान्य ट्वीट था। कांग्रेस नेता ने कहा, "यह बॉडी शेमिंग नहीं थी। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि खिलाड़ियों को फिट रहना चाहिए और मुझे लगा कि उनका वजन थोड़ा ज्यादा है, इसलिए मैंने इस बारे में ट्वीट किया। मुझ पर बिना किसी कारण के हमला किया गया। जब मैंने उनकी तुलना पिछले कप्तानों से की, तो मैंने बयान दिया। मुझे यह कहने का अधिकार है। ऐसा कहने में क्या गलत है? यह लोकतंत्र है।"