
SAD BJP Alliance Punjab: शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने भारतीय जनता पार्टी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी का कहना है कि पंजाब और पंथ से जुड़े अहम मुद्दों पर स्पष्टता के बिना बीजेपी के साथ गठबंधन पर विचार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने चंडीगढ़, नदी के पानी, पंजाबी भाषी इलाकों और सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई को प्रमुख मुद्दा बताया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने कहा कि फिलहाल अकाली दल (पुनर सुरजीत) को बीजेपी के साथ गठबंधन की कोई तत्काल जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर बीजेपी या केंद्र सरकार पार्टी के साथ समझौते की बात करना चाहती है तो पहले उसे पंजाब के अधिकारों और पंथ से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
पीर मोहम्मद के मुताबिक, पार्टी की प्रमुख मांगों में चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार बहाल करना, सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई, नदी के पानी पर पंजाब के अधिकारों की रक्षा और पंजाबी भाषी इलाकों को पंजाब में शामिल करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। गठबंधन पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए इन मांगों को लेकर बीजेपी की स्पष्ट नीति जरूरी होगी।
अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने कहा कि चंडीगढ़, पानी और पंजाबी भाषी इलाकों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से पंजाब की राजनीति में अहम रहे हैं। पार्टी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई की मांग भी उठा रही है। पार्टी नेता के मुताबिक, इन मुद्दों पर स्पष्ट रुख के बाद ही किसी राजनीतिक गठबंधन को लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।
पार्टी ने दावा किया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ता और स्थानीय नेता उसके साथ जुड़ रहे हैं। इनमें शिरोमणि अकाली दल (बादल) और आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पीर मोहम्मद ने कहा कि पार्टी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लोगों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही है। इसमें पंजाबी समाज के अलग-अलग वर्गों को साथ लाने पर भी जोर है। उन्होंने दलित समुदाय के लोगों को भी इस साझा मंच का हिस्सा बनाने की बात कही।
पीर मोहम्मद ने पंजाब के युवाओं के विदेश जाने के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने राज्य में क्षेत्रीय विश्वविद्यालय और कौशल केंद्र बनाने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि पंजाब में बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलने से युवाओं को पढ़ाई और नौकरी के लिए विदेश जाने की जरूरत कम हो सकती है।
पार्टी ने पंथक एकता पर भी जोर दिया। पीर मोहम्मद ने कहा कि 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी हुकमनामे के अनुसार बादल परिवार को छोड़कर पंथक एकता के लिए सभी के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने पंथक एकता को समय की जरूरत बताया और सभी संबंधित पक्षों से इसके लिए गंभीर प्रयास करने की अपील की। इस दौरान जिला जत्थेदार दिलजिंदर बीर सिंह विर्क, मधुपाल सिंह गोगा और हरजीत सिंह पुरेवाल समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।