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Sadbhavana Diwas 2026: क्यों राजीव गांधी की जयंती पर मनाया जाता है सद्भावना दिवस? जानें पूरी कहानी

Rajiv Gandhi Jayanti: सद्भावना दिवस हर साल 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस राष्ट्रीय एकता, शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। इस दिन राजीव गांधी के आधुनिक भारत, तकनीकी विकास और राष्ट्रीय एकता के विचारों को याद करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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Aug 20, 2026
National Harmony Day India
राजीव गांधी की जयंती पर सद्भावना दिवस मनाया जाता है (Photo-X @Sohom03/AI)

Sadbhavana Diwas 2026: भारत में हर साल 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश में शांति, एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए समर्पित है। 20 अगस्त को ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती होती है। राष्ट्रीय एकता और आधुनिक भारत के निर्माण की उनकी सोच को याद करते हुए इस दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

20 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है सद्भावना दिवस?

दरअसल, 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाने की सबसे बड़ी वजह पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। इस दिन को उनकी उस सोच और दृष्टिकोण से भी जोड़ा जाता है, जिसमें एक ऐसे भारत की कल्पना थी जो मजबूत, आधुनिक, आत्मनिर्भर और विविधताओं के बावजूद एकजुट हो।

बता दें कि सद्भावना का अर्थ है- आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में अलग-अलग धर्म, भाषाएं, संस्कृतियां और समुदाय होने के बावजूद मिल-जुलकर रहना इस दिवस का प्रमुख संदेश है।

राजीव गांधी और आधुनिक भारत की सोच

राजीव गांधी ने 1984 से 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें देश में तकनीकी और प्रशासनिक आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने वाले नेताओं में गिना जाता है।

उनके कार्यकाल में कंप्यूटरीकरण, दूरसंचार के विस्तार और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला। भारत में सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के विस्तार की दिशा में उठाए गए इन कदमों ने आगे चलकर देश के डिजिटल विकास की नींव मजबूत करने में भूमिका निभाई।

राजीव गांधी ने युवाओं की भूमिका और आधुनिक तकनीक की जरूरत पर भी जोर दिया था। उनका एक चर्चित विचार था कि वे एक ऐसे भारत का सपना देखते हैं जो मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो।

राजनीति से पहले पायलट थे राजीव गांधी

राजीव गांधी का जन्म राजनीतिक परिवार में हुआ था। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बड़े बेटे थे। हालांकि राजनीति उनका शुरुआती करियर नहीं था।

उन्होंने देहरादून के दून स्कूल में पढ़ाई की और बाद में इंडियन एयरलाइंस में कमर्शियल पायलट के तौर पर काम किया। लंबे समय तक उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी।

साल 1980 में छोटे भाई संजय गांधी की मृत्यु के बाद वह राजनीति में आए। इसके बाद 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। 

1991 में हुई थी राजीव गांधी की हत्या

राजीव गांधी की 1991 में चुनाव प्रचार के दौरान हत्या कर दी गई थी। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी हत्या की थी। इस हमले का संबंध लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) से था।

मरणोपरांत राजीव गांधी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनकी विरासत में युवा नेतृत्व, तकनीकी आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय एकता और आधुनिक भारत के निर्माण की सोच प्रमुख रूप से शामिल है।

कब शुरू हुआ सद्भावना दिवस?

राजीव गांधी की हत्या के एक साल बाद 1992 में सद्भावना दिवस की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य देश में राष्ट्रीय एकता और भावनात्मक सद्भाव को बढ़ावा देना था। दरअसल, इस दिवस का मूल संदेश यही है कि मतभेदों का समाधान हिंसा या टकराव के बजाय संवाद, लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से किया जाना चाहिए।

कैसे मनाया जाता है सद्भावना दिवस?

सद्भावना दिवस के मौके पर देशभर में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक संगठनों की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से सद्भावना और एकता की शपथ दिलाई जाती है। पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। पुष्पांजलि और स्मृति कार्यक्रम आयोजित होते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए एकता और भाईचारे का संदेश दिया जाता है। राष्ट्रीय एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं।

Updated on:
20 Aug 2026 12:34 pm
Published on:
20 Aug 2026 12:34 pm