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‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस-BJP में बढ़ी तकरार, केसी वेणुगोपाल बोले- ‘हमारे लिए भावनात्मक, उनके लिए राजनीतिक मुद्दा’

Vande Mataram controversy: 'वंदे मातरम' की दो कड़ियां गाने के फैसले पर कांग्रेस और BJP में तकरार बढ़ गई है। केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम कांग्रेस के लिए भावनात्मक, जबकि BJP के लिए राजनीतिक मुद्दा है।
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KC Venugopal on Vande Mataram.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल (फोटो- एएनआई)

Vande Mataram Controversy: 'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी तकरार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हमले का जवाब देते हुए कहा कि 'वंदे मातरम' कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दा है, जबकि बीजेपी के लिए यह राजनीतिक मुद्दा बन गया है। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले का बचाव किया, जिसमें पार्टी के 1937 के प्रस्ताव के अनुरूप राष्ट्रगीत की केवल दो कड़ियां गाने का फैसला किया गया है।

क्या बोले केसी वेणुगोपाल?

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 'वंदे मातरम' का भारत के स्वतंत्रता संग्राम से गहरा संबंध रहा है। इसी वजह से कांग्रेस के लिए इसका विशेष भावनात्मक महत्व है। उन्होंने बीजेपी पर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।

वेणुगोपाल ने कहा, 'बीजेपी स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा नहीं थी। वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था। यह हमारे लिए भावनात्मक है, लेकिन उनके लिए राजनीतिक है।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से वंदे मातरम का गायन करती रही है और इसमें कुछ नया नहीं है।

पेपर लीक और चीन के मुद्दे का भी जिक्र

कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर सरकार से जुड़े और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, चंदे की चोरी और अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

दरअसल, इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के दो कड़ियां गाने के फैसले पर तीखा हमला बोला था। शाह ने इसे कांग्रेस की चरम तुष्टिकरण की नीति' की वापसी बताया। उन्होंने दावा किया कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांटा था, जिससे आगे चलकर देश के विभाजन की परिस्थितियां मजबूत हुईं।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वंदे मातरम की रचना के 150वें वर्ष में इस ऐतिहासिक गलती को सुधारने की कोशिश की है। उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रगीत गाने के फैसले का भी उल्लेख किया।

स्वतंत्रता दिवस के बाद शुरू हुआ विवाद

'वंदे मातरम' को लेकर यह राजनीतिक विवाद स्वतंत्रता दिवस के बाद और तेज हुआ। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त के समारोह के दौरान राष्ट्रगीत के गायन के समय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी आपस में बातचीत कर रहे थे। बीजेपी ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी की मांग की थी।अब कांग्रेस के जवाब के बाद यह मुद्दा एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।