माले (मार्क्सवादी लेनिनवादी) सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद ने बुधवार को संसद में सहारा इंडिया के निवेशकों से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाया।
Sahara India: माले सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद ने बुधवार को संदन में जनता से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा कि 11 करोड़ निवेशकों के ढाई लाख करोड़ रुपए सहारा इंडिया में जमा है। पैसों के इंतजार में 4070 निवेशकों की मौत हो गई है। 65 एजेंटों की भी जान जा चुकी है। यह देश के मध्यम वर्ग के लोगों को पैसा है। जिन्होंने अपनी बहन, बेटियों की शादी के लिए, अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए, अपने संकट के दिनों के लिए जमा किया था। ये लोग पैसा नहीं देना चाहते है। सरकार कहती है कोई पैसा लेना नहीं चाहता है। ये गरीब लोग इसके पोटल के बारे में नहीं जानते है। उन्होंने सरकार से मांगी की है कि एजेंटों के माध्यम से यह पैसा लौटाया जाना चाहिए।
देश में इतना पावर पैदा हो रहा है तो देश में बिजली कटौती क्यो। अगर ट्रांसफार्मर खराब हो गया तो एक सप्ताह में इसको बदला जाएगा। झरझर तारों की वजह से कई लोगों की मौत हो रही है। गांवों में जबरदस्ती बिजली काटी जा रही है। बिजली काटने का दबाव देकर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। यह स्मार्ट मीटर लोगों का खून चूस रहा है। इसको बंद करना चाहिए। जनता पर इसका दबाव नहीं डालना चाहिए। बिहार में सबसे ज्यादा भारी बिजली का बिल आ रहा हैं। महंगे दर पर बिजली मिल रही है इसपर रोक लगाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने खाली पदों को भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से ठेका प्रथा को खत्म करने अपील की है। उन्होंने मोदी सरकार पर तंज करते हुए कहा कि अगर ठेका प्रथा को खत्म नहीं किया गया तो एक दिन सरकार भी ठेके पर चलेगी। इसलिए ठेका प्रथा पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आगनबाड़ी सहायका, आशा, जो जितने स्कीम है उन सभी स्थाई करे। उनका वेतनमान भी तय करे। श्रमिकों के लिए खिलाफ लाए गए कानून का वापस लिया जाए।