जेडीयू नेता खुर्शीद आलम ने अपने हाथ में चप्पलों की माला दिखाई, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के सिकटा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को हुए एक सम्मान समारोह में पूर्व मंत्री और जेडीयू नेता खुर्शीद आलम ने अपने अनोखे अंदाज से एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। इस समारोह में उन्होंने जनता के सामने खुद को परखने का एक अनूठा तरीका अपनाया, जो न केवल चर्चा का विषय बन गया।
खुर्शीद आलम, जो बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रह चुके हैं और सिकटा से विधायक रहे हैं, बैशाखवा के एक स्कूल में आयोजित सम्मान समारोह में बाइक रैली के साथ पहुंचे। मंच पर चढ़ते ही उन्होंने अपने हाथ में चप्पलों की माला दिखाई, जिसने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। आलम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए 10 साल तक काम किया—पांच साल विधायक के रूप में और पांच साल मंत्री के रूप में। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर उनके काम से लोग संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें सिक्कों से तौलने के बजाय चप्पलों की माला पहनाई जाए। आलम की इस नाटकीय अपील के बाद समर्थकों ने उन्हें एक क्विंटल सात किलो सिक्कों से तौलकर सम्मानित किया।
खुर्शीद आलम अपने इस तरह के अनोखे अंदाज के लिए पहले भी चर्चा में रहे हैं। वे अक्सर ऐसे कदम उठाते हैं, जो सियासी और सामाजिक स्तर पर बहस का विषय बन जाता हैं। मिसाल के तौर पर, वे 'जय श्री राम' के नारे लगाने और अपने विधानसभा क्षेत्र में निजी खर्च पर 64 छोटे-बड़े मंदिरों का निर्माण करवाने के लिए भी जाने जाते हैं। ये कदम, खासकर एक ऐसे नेता द्वारा जो अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं और जेडीयू जैसे धर्मनिरपेक्षता का दावा करने वाले दल से जुड़े हैं।