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Space Economy: आसमान में अपनी ताकत और क्षमता दिखाएगा भारत, युवाओं के लिए कैसे खुलेंगे नए रास्ते

Satellite Technology : भारत अपनी स्पेस और सैटेलाइट अर्थव्यवस्था का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके लिए उद्योगों पर आधारित कौशल विकास बहुत जरूरी है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।

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भारत

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MI Zahir

Apr 05, 2026

Space Economy

श्रीहरिकोटा से इसरो का PSLV-C62 मिशन (फोटो: ANI)

Skill Development : भारत अब तेजी से आसमान में अपनी ताकत और क्षमता दिखा रहा है, जिससे देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते क्षेत्र में युवाओं के लिए कौशल विकास अब सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के शानदार काम के साथ-साथ अब कई नई कंपनियां भी आगे आ रही हैं। इस तेजी से बढ़ते बाजार में का ज्ञान रखने वाले कुशल युवाओं की काफी मांग है। इसलिए, को भी पढ़ाई और व्यावहारिक ट्रेनिंग के नए तरीके विकसित करने होंगे ताकि भारत दुनिया में सबसे आगे रहे।

नए जमाने की तकनीक पर जोर

आज के समय में भारत सिर्फ रॉकेट लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संचार, मौसम और रक्षा के लिए उन्नत उपग्रह बना रहा है। उद्योग जगत के दिग्गजों का स्पष्ट कहना है कि अब सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। अंतरिक्ष और सैटेलाइट के क्षेत्र में काम करने के लिए व्यावहारिक अनुभव और नई तकनीकों की समझ होना बहुत जरूरी है। कंपनियों को ऐसे युवाओं की तलाश है जो सीधे प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

स्पेस और सैटेलाइट के क्षेत्र में दुनिया भर में रोजगार की कोई कमी नहीं है, लेकिन कंपनियों के सामने सही टैलेंट का मिलना एक बड़ी चुनौती है। अगर हमारे शिक्षण संस्थान और प्राइवेट कंपनियां मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करें, तो छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही असली काम करने का अनुभव मिल जाएगा। इससे भारत का युवा सीधे नौकरी के लिए तैयार होगा और बेरोजगारी दर में भी कमी आएगी।

स्टार्टअप्स और निजी निवेश की अहम भूमिका

सरकार ने जब से अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोला है, देश में कई नए और इनोवेटिव स्टार्टअप्स सामने आए हैं। ये कंपनियां न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों से भी भारी निवेश ला रही हैं। इन कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने के लिए ऐसे होनहार लोगों की जरूरत है जो नई सोच रखते हों और अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ नया करने का जज्बा रखते हों।

ग्लोबल स्पेस मार्केट का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनेगा भारत

अंतरिक्ष विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने भारत की इस बढ़ती क्षमता का जोरदार स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर उद्योग जगत खुद आगे आकर छात्रों की ट्रेनिंग और कौशल विकास का जिम्मा लेगा, तो भारत अगले कुछ ही सालों में ग्लोबल स्पेस मार्केट का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन जाएगा।

स्पेस सेक्टर सिर्फ वैज्ञानिकों या इंजीनियरों के लिए ही नहीं है

माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार अपनी नई स्पेस पॉलिसी के तहत कई नए कौशल विकास केंद्रों और विशेष शिक्षण संस्थानों की घोषणा कर सकती है। ये संस्थान सीधे तौर पर प्राइवेट स्पेस कंपनियों और इसरो के साथ मिल कर काम करेंगे। स्पेस सेक्टर सिर्फ वैज्ञानिकों या इंजीनियरों के लिए ही नहीं है। जो छात्र विज्ञान नहीं पढ़ रहे हैं, उनके लिए भी अब 'स्पेस लॉ', 'स्पेस मैनेजमेंट', 'स्पेस मार्केटिंग' और 'स्पेस जर्नलिज्म' जैसे बिल्कुल नए और आकर्षक करियर विकल्प तेजी से उभर रहे हैं। ( इनपुट : ANI )