
पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी - कॉकरोच जनता पार्टी (CJP - Cockroach Janta Party) द्वारा आयोजित छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च किया। ये प्रदर्शनकारी ने नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर हैं और साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने इन्हें संसद की ओर जाने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, लेकिन छात्रों के नहीं मानने पर पुलिस के साथ उनकी झड़पें हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए। अब इस मामले पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) का बयान सामने आया है।
सलमान ने सोशल मीडिया पर स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "यह एक बहुत ही शांतिपूर्ण आंदोलन था। बहुत दुःख की बात है कि इसने हिंसक रूप ले लिया। जो छात्र और उनके परिवार घायल हुए, उनके प्रति मेरी पूरी संवेदना है। पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। मुझे यह देखकर खुशीहुई है कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है।"
सलमान ने आगे लिखा, "मैं छात्रों के इस कदम की सच में सराहना करता हूं। उन्होंने लगन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत करके अपना भविष्य बनाने और एक बेहतर, शिक्षित भारत के निर्माण के प्रति अपना उत्साह दिखाया है। यह आंदोलन या विरोध प्रदर्शन ही सही तरीका है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण ढंग से किया है। वो बहुत साहसी और बहादुर हैं। शिक्षा के प्रति प्रेरित और उत्साहित यह पीढ़ी भारत का नाम रोशन करेगी।"
सलमान ने आगे लिखा, "यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को ही मिलना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को और मज़बूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदेमंद स्थिति है। एक सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना है। जो लोग शिक्षित होना चाहते हैं, उन सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे।"
सलमान ने आगे लिखा, "शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए और इसे हर साल और ज़्यादा लोकप्रिय और आकर्षक बनना चाहिए। इससे दूसरे देशों से लोग पढ़ने के लिए भारत आएंगे और भारत एक एजुकेशन हब बन सकता हैं।"