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Delhi High Court: सत्य निकेतन हादसे में दिल्ली हाईकोर्ट का सरकार, MCD, पुलिस, DU और केंद्र को नोटिस

Delhi HC On Delhi Incident: सत्य निकेतन PG हादसे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार, MCD, पुलिस, DU और NHRC को नोटिस दिया है। कोर्ट ने कहा- जिम्मेदारी निभाई जाती तो हादसा टल सकता था।
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Sep 07, 2026
Delhi Building Collapse
सत्य निकेतन हादसे में दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस(फोटो-IANS)

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सजग होते तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी। कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, एमसीडी, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सत्य निकेतन में लड़कों के पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारत गिरने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के समय इमारत में करीब 50 छात्रों के रहने की बात सामने आई थी। राहत और बचाव टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला, जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट की चिंता

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी तौर पर संचालित पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट के सामने कहा गया कि ऐसे पीजी बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं और वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। सुनवाई में यह भी कहा गया कि दिल्ली में संस्थागत हॉस्टलों की कमी के कारण छात्रों को निजी पीजी पर निर्भर रहना पड़ता है। याचिका में कहा गया कि समस्या की एक बड़ी वजह हॉस्टल की कमी भी है। कोर्ट की टिप्पणियों से दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास की व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।

MCD से पूछा- क्या PG के लिए हैं नियम?

दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी से खास तौर पर पूछा कि राजधानी में पीजी आवासों को लेकर कोई नियम या नियमन लागू है या नहीं। कोर्ट ने एमसीडी से इस संबंध में डिटेल जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया। इसमें सवाल किया गया कि क्या पीजी संचालक स्वीकृत निर्माण सीमा से आगे जाकर निर्माण कर रहे हैं। अब एमसीडी को यह स्पष्ट करना होगा कि पीजी आवासों के निर्माण और संचालन को लेकर कौन से नियम लागू हैं और इन नियमों की निगरानी किस तरह की जाती है।

DU से आउटस्टेशन छात्रों और हॉस्टल का डेटा मांगा

हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को भी अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने विश्वविद्यालय से अपने कॉलेजों में पढ़ने वाले आउटस्टेशन छात्रों की संख्या का डेटा मांगा है। इसके साथ ही DU और उसके कॉलेजों में संचालित हॉस्टलों की संख्या की जानकारी भी देने को कहा गया है।

केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और NHRC से भी जवाब तलब

कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, एमसीडी, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी किया है। सभी संबंधित पक्षों से हादसे को लेकर जवाब और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी गई है। यह जनहित याचिका सत्य निकेतन में लड़कों के पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत के गिरने के बाद दायर की गई थी। हादसे में सात लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।

Updated on:
07 Sept 2026 04:41 pm
Published on:
07 Sept 2026 04:35 pm