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Delhi Building Collapse: मलबे में दबे छात्र ने वीडियो बनाकर भेजा, NSUI ने शेयर कर की तुरंत बचाने की अपील

Satya Niketan Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक पुराने पांच मंजिला PG भवन के ढहने से बड़ा हादसा हो गया। सोशल मीडिया पर NSUI ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें दावा किया गया कि मलबे में दबा एक बच्चा जिंदा है और मदद की गुहार लगा रहा है। मौके पर NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य एजेंसियों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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मलबे में दबे छात्र ने वीडियो बनाकर भेजा (फोटो- ANI/NSUI)

Delhi Building Collapse: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला PG बिल्डिंग ढह गई। अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और दूसरी एजेंसियां ​​राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसे NSUI ने इसे शेयर करते हुए दावा किया है कि मलबे में फंसा एक छात्र अभी भी जिंदा है और मदद का इंतजार कर रहा है। संगठन ने अपने सदस्यों से अपील की है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचें, बचाव दल को सूचित करें और मदद करें।

NSUI ने शेयर किया वीडियो

मलबे के अंधेरे और पत्थरों के बीच जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे छात्र का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। छात्र संगठन NSUI ने वीडियो जारी करते हुए लिखा, "टीम के साथी जो भी आसपास हैं, कृपया तुरंत इसकी मदद करें। ये अभी जिंदा है और आपकी मदद का इंतजार कर रहा है। बिना देरी किए मौके पर पहुंचें और रेस्क्यू टीम को सूचित करें और मदद करें।"

1 की मौत, 2 की हालत गंभीर; 40-50 लोगों के दबे होने की आशंका

घटना की खबर मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और आपदा राहत टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, अब तक मलबे से आठ लोगों को बाहर निकाला गया है, जबकि डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया है। बाकी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि इमारत में एक बेसमेंट और पांच मंजिलें थीं और रविवार दोपहर होने के कारण कई छात्र कमरों में मौजूद थे, जिससे मलबे में अभी भी 40 से 50 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

40-50 साल पुरानी थी बिल्डिंग

दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि बिल्डिंग लगभग 40 से 50 साल पुरानी थी और इसके बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था। घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि यह मंदिर के सामने स्थित सत्य निकेतन बसने के समय की काफी पुरानी इमारत थी। इसमें मजबूत पिलर तक नहीं थे। पिछले कुछ दिनों से बेसमेंट में काम चल रहा था और हाल की बारिश के बाद बेसमेंट में काफी पानी भर गया था, जिसकी वजह से दोपहर करीब 1 बजे बिल्डिंग ढह गई। हर कमरे में कम से कम दो छात्र रहते थे, ऐसे में हादसे के वक्त अंदर 30 से 40 छात्र जरूर रहे होंगे।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राहत और बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए NDRF के इंस्पेक्टर जनरल (IG) एन.एस. बुंदेला ने बताया कि NDRF की दो टीमें पूरी तैयारी के साथ मौके पर तैनात हैं, जबकि दो अतिरिक्त टीमें आस-पास स्टैंडबाय पर हैं। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचते ही NDRF ने तीन लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से एक होश में था और दो बेहोश थे।

फिलहाल, NDRF, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस मिलकर तंग गलियों से भारी मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। मलबे में दबी या क्षतिग्रस्त गाड़ियों को क्रेन की मदद से हटाया जा रहा है ताकि नीचे फंसे अन्य छात्रों तक ऑक्सीजन और मदद जल्द से जल्द पहुंच सके।

Updated on:
06 Sept 2026 07:07 pm
Published on:
06 Sept 2026 07:05 pm