
Satya Niketan: दिल्ली के सत्य निकेतन में एक PG बिल्डिंग गिरने के बाद राजधानी में अवैध निर्माण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बिल्डिंग प्लान सार्वजनिक किया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के MLA अनिल शर्मा के परिवार पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। भारद्वाज का दावा है कि सत्य निकेतन में बनी PG बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध है और इसे अनधिकृत जमीन पर बनाया गया है, जो तय नियमों और मजूर बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन है।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के कर्मचारी कार्यक्षेत्र पोर्टल से बिल्डिंग प्लान के रिकॉर्ड शेयर किए। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि कानूनी रजिस्ट्री में सिर्फ 230 वर्ग गज (लगभग 193 वर्ग मीटर) जमीन शामिल है, जबकि PG बिल्डिंग का निर्माण लगभग 400 से 500 वर्ग गज के इलाके पर कब्जा करके किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्माण ओरिजिनल रजिस्ट्री औ मंजूर प्लान में बताए गए प्लॉट साइज से दोगुने से भी ज्यादा बड़े प्लॉट पर किया गया।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से मंजूर प्लान में सिर्फ 193 वर्ग मीटर प्लॉट एरिया की मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा, बिल्डिंग नियमों के तहत कुल एरिया के सिर्फ 75 प्रतिशत हिस्से पर ही निर्माण की इजाजत है। हालांकि बिल्डरों ने इस 75 प्रतिशत की सीमा को पूरी तरह नजरअंदाज़ किया और पूरे प्लॉट पर कब्जा करके एक विशाल कई मंजिला इमारत खड़ी कर दी।
शेयर किए गए MCD कर्मचारी कार्यक्षेत्र पोर्टल के रिकॉर्ड्स के अनुसार, यह प्रॉपर्टी साउथ जोन के नानकपुरा वार्ड में मोची बाग, अराकपुर में खसरा नंबर 225 और म्युनिसिपल नंबर 11/78 के तहत रजिस्टर्ड है। मंजूर प्लान में बेसमेंट, स्टिल्ट और तीन ऊपरी मंज़िलों का प्रस्ताव था और मालिकाना हक के रिकॉर्ड में अंकित शर्मा का नाम मालिक के तौर पर दर्ज है।
सौरभ भारद्वाज ने सत्ता पक्ष को सीधे निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि किसके संरक्षण में इतना बड़ा अवैध ढांचा खड़ा किया गया, जबकि मंजूर प्लान सिर्फ 193 वर्ग मीटर का था। सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को तुरंत बुलडोजर भेजकर इस अवैध बिल्डिंग को गिरा देना चाहिए ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ा संदेश दिया जा सके।