
दिल्ली एमसीडी चुनाव 2022 अपने पूरे शबाब पर है। भाजपा और आम आदमी पार्टी चुनाव जीतने के लिए अपना कील कांटा लेकर जुटे हैं। इस बीच दिल्ली की सर्द हवाओं को सत्येंद्र जैन का मामला गरम कर रहा है। सत्येंद्र जैन का पहले मसाज और अब खाने का वीडियो सुर्खियां बटोर रहा है। इस मामले में दिल्ली भाजपा कोई चूक नहीं करना चाहती है। उसके बाद भाजपा के बड़े नेता भी सत्येंद्र जैन मामले पर खूब निशाना साध रहे हैं। भाजपा की नेता और पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने भी सत्येंद्र जैन पर हमला बोला। कहाकि, जब उनके मंत्री ही जेल में हैं तो वे (जेल प्रबंधक) क्या कार्रवाई करेंगे?
वह एक तरह से हाउस अरेस्ट है
किरण बेदी ने कहाकि, जब आपको ऐसी सुविधाएं मिलती हैं जो दूसरों से अलग हैं तो वह जेल नहीं वह एक तरह से हाउस अरेस्ट है। जब उनके मंत्री ही जेल में हैं तो वे (जेल प्रबंधक) क्या कार्रवाई करेंगे?
राष्ट्रपति से कर सकते हैं उपराज्यपाल निलंबन की सिफारिश
किरण बेदी ने आगे कहाकि, अगर नियमों में अनुमति है तो उपराज्यपाल उनके (सत्येंद्र जैन) निलंबन की सिफारिश राष्ट्रपति से कर सकते हैं। ऐसा कैसे हो सकता है कि, जेल में रहते हुए जेल मंत्री नियमों का उल्लंघन करें? यह भी पता करना चाहिए कि क्या इनको वेतन मिल रहा है? क्योंकि निलंबन में वेतन नहीं मिलता है।
वह किस बात का वेतन ले रहे हैं
किरण बेदी ने कहाकि, अगर जेल की नियमावली से हटकर कुछ करना होता है तो आपको कोर्ट से अनुमति लेनी होती है। अगर इनके पास (सत्येंद्र जैन) मंत्री पद है और साथ में वेतन भी ले रहे हैं तो वह किस बात का वेतन ले रहे हैं? वह अंदर से कौन सा काम कर रहे हैं? किसकी अनुमति से कर रहे हैं?