
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की गाइडलाइंस, आरएसएस द्वारा संचालित स्कूलों और कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वीएचपी के उन नियमों का विरोध किया, जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोगों के गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने को लेकर आपत्ति जताई गई है।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति गुजराती समुदाय की ओर से आयोजित गरबा समारोह में शामिल होना चाहता है, तो इसमें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वीएचपी के रुख को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से संगठन पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में दखल दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग भाषाएं, धर्म और जातियां हैं, ऐसे में इस तरह की पाबंदियां उचित नहीं हैं। रॉय ने वीएचपी पर देश में हिंदू सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ खड़े होने की अपील की।
आगामी नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर वीएचपी की गाइडलाइंस पर भी टीएमसी सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह ऐसी गाइडलाइंस की निंदा करते हैं और सवाल उठाया कि क्या इतने विविधतापूर्ण देश में सभी के लिए इस तरह के नियम बनाए जा सकते हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा एक साल में वीएचपी संचालित 1,000 स्कूल खोले जाने की घोषणा पर रॉय ने इसे शिक्षा के भगवाकरण की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए शैक्षिक पाठ्यक्रम में आरएसएस के सांप्रदायिक एजेंडे को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है और कहा कि वह इसका पूरी तरह विरोध करते हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज के बयान से जुड़े विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियों पर रॉय ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोग भाजपा के साथ मिले हुए हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के एक बयान पर उन्होंने कहा कि पासवान ने सही काम किया।
कैमक स्ट्रीट स्थित टीएमसी कार्यालय को लेकर जारी नोटिस पर रॉय ने कहा कि पार्टी पूरी ताकत से इसका मुकाबला करेगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में टीएमसी के करीब 4,000 कार्यालय बंद किए गए हैं और कैमक स्ट्रीट का कार्यालय उनमें से एक प्रमुख कार्यालय है।