
Gaurav Bhatia VS Saurav Das (Photo-IANS)
Gaurav Bhatia VS Saurav Das : नई दिल्ली। स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित 'दिमागी नक्सल' वाले बयान को लेकर शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और भाजपा नेता गौरव भाटिया के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी बहस देखने को मिली। भाटिया ने बयान को फर्जी बताते हुए दास को 24 घंटे के भीतर पोस्ट हटाकर बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद सौरभ दास ने पोस्ट डिलीट कर स्पष्ट किया कि वह AI-जनरेटेड था, लेकिन साथ ही भाजपा नेताओं को इस बयान को दोहराने की चुनौती भी दे दी।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब सौरव दास ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। इसमें गौरव भाटिया के हवाले से दावा किया गया था कि स्वतंत्र भारद्वाज 'दिमागी नक्सल' हैं और उनके अंदर जातिवाद का जहर है। दास ने इस पोस्ट के साथ लिखा, 'No comments again'। हालांकि, गौरव भाटिया ने इस दावे को तुरंत खारिज करते हुए पोस्ट को फर्जी बताया। उन्होंने दास से कहा कि वह 24 घंटे के भीतर पोस्ट हटाएं और बिना शर्त माफी मांगें।
गौरव भाटिया ने आगे कहा कि पोस्ट को डिलीट होने में सिर्फ 83 मिनट लगे, लेकिन अभी तक बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई है। भाटिया ने चेतावनी दी कि यदि बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई तो अगले दिन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रोपेगैंडा फैलाकर सिर्फ पोस्ट डिलीट कर देने से कोई बच नहीं सकता। भाटिया ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भाटिया की आपत्ति के बाद सौरव दास ने पोस्ट हटा दी। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पोस्ट AI-जनरेटेड थी। हालांकि, दास ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए नेताओं को कथित बयान को दोहराने की चुनौती दी। दास ने सवाल किया कि जब सहयोगी चिराग पासवान ने भी स्वतंत्र भारद्वाज से दूरी बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, तो भाजपा इस मामले पर कुछ क्यों नहीं कह रही है। उन्होंने भाटिया को व्यक्तिगत रूप से जवाब देते हुए लिखा कि वह अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और अब भाटिया बताएं कि क्या वह उस कथित बयान से असहमत हैं।
यह पूरा विवाद CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित तौर पर झड़प हुई थी। सीजेपी का आरोप है कि संजय कुमार पर स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने हमला किया था। भारद्वाज ने पॉडकास्ट में कथित तौर पर संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ने की बात कही थी, हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और वह पूरी रात बाहर घूमते रहे।
मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने के बाहर धरना दिया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
Updated on:
05 Sept 2026 04:42 pm
Published on:
05 Sept 2026 04:40 pm
