राष्ट्रीय

TMC के 3 नेताओं के भाजपा में जाने पर सौगत रॉय बोले- हमें कोई नुकसान नहीं, न ही BJP को कोई फायदा होगा

Saugata Roy: तीन पूर्व TMC राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दलबदल करने वालों से BJP को भी कोई फायदा नहीं मिलेगा।
2 min read
Jul 09, 2026
Saugata Roy
TMC नेता सौगत रॉय (ANI Photo)

Saugata Roy: पश्चिम बंगाल के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बारिक के तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर सांसद सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी है। सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि ये तीनों नेता पहले से ही भीतरखाने भाजपा के साथ ही चल रहे थे। उनके जाने से TMC को कोई नुकसान नहीं होगा और इस बात पर भी संदेह है कि इससे BJP को कोई फायदा होगा। राजनीति में दल बदलने वाले नेता का बहुत ज्यादा महत्व या अहमियत नहीं होती।

बता दें कि टीएमसी के तीन पूर्व राज्यसभा सदस्य गुरुवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय में भाजपा में शामिल हो गए। तीनों राज्यसभा सांसदों ने पिछले महीने संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने आज तीनों नेताओं- सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक का स्वागत किया और उन्हें पार्टी का झंडा सौंपा।

पश्चिम बंगाल की जनता देगी जवाब- डोला सेन

तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तीनों के जाने से टीएमसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, "इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने पहले भी इसका जवाब दिया है और आगे भी जनता ही इसका जवाब देगी। ममता बनर्जी ने हम जैसे कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया और जनता ने उनके कहने पर हमें जिताया। उनके जाने से कुछ नहीं होगा। इसका जवाब भी पश्चिम बंगाल की जनता ही देगी।"

तीनों को भाजपा भेज सकती है राज्य सभा

राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हैं कि भाजपा आगामी राज्य सभा उपचुनावों के लिए इन तीनों नेताओं को फिर से नामांकित कर सकती है। हालांकि, भट्टाचार्य ने इस संभावना की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बता दें कि सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा से इस्तीफा दिया, उसके बाद सुष्मिता देव ने 10 जून को और प्रकाश ने 11 जून को इस्तीफा दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। विधानसभा में भाजपा के पास फिलहाल 208 विधायक हैं, जबकि किसी भी उम्मीदवार को हराने के लिए विपक्ष के पक्ष में कम से कम 70 वोटों की जरूरत होगी।

हालांकि आधिकारिक तौर पर तृणमूल के पास 80 विधायक हैं, लेकिन उनमें से 60 निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में हैं, जबकि शेष 20 विधायक ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं।

Updated on:
09 Jul 2026 09:35 pm
Published on:
09 Jul 2026 07:50 pm