
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में साइक्लोन 'माइचौंग' के कारण हो रही लगातार बारिश ने लोगों के जन जीवन पर बहुत बुरा असर डाला है। इस वक्त दोनों राज्य भारी बारिश की मार झेल रहे हैं। खबरों के मुताबिक माइचौंग चक्रवात कभी भी रौद्र रूप ले सकता है। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। एहतियातन तमिलनाडु सरकार ने 6 दिसंबर को चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू आदि जिलों के स्कूल, कॉलेज आदि सार्वजिनक संस्थान बंद करने का आदेश दिया है।
क्या-क्या रहेगा खुला
सरकार द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि बारिश से प्रभावित जिलों (चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू) में जरूरी चीजों वाले सभी विभाग जैसे दूध सप्लाई, वाटर सप्लाई, पुलिस, फायर सर्विस, लोकल बॉडिज, हॉस्पिटल/मेडिकल दुकानें, पावर सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, पेट्रोल पंप आदि और डिजास्टर रिलीफ वाले विभाग बंद नहीं रहेंगे।
भारतीय मौसम विभाग ने क्या बताया
अपने अपडेट में मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात मंगलवार सुबह 5.30 बजे नेल्लोर से लगभग 25 किमी उत्तर-उत्तरपूर्व, कवाली से 20 किमी पूर्व, बापटला से 110 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और मछलीपट्टनम से 170 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था। आईएमडी ने आगे बताया कि चूंकि सिस्टम तट के करीब उत्तर की ओर बढ़ रहा है, दीवार बादल क्षेत्र का कुछ हिस्सा भूमि पर स्थित है। सिस्टम के लगभग उत्तर की ओर समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ने और नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच बापटला के करीब दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करने की संभावना है।
इन इलाकों में भी भयंकर बारिश
चक्रवात माइचौंग के कारण श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, राजमहेंद्रवरम, भीमावरम, एलुरु, विजयवाड़ा, मछलीपट्टनम, गुंटूर, ओंगोल, नेल्लोर और तिरूपति में लगातार बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने जिला कलेक्टरों, एसपी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राहत उपाय करने के लिए हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के लिए दो-दो करोड़ रुपये जारी करने के अलावा सभी चक्रवात प्रभावित जिलों के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।