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बंगाल में ममता बनर्जी कितनी मजबूत? अगले इलेक्शन में बिगाड़ सकती हैं BJP का खेल! 2026 चुनाव में केवल 5% कम मिले थे वोट

BJP vs TMC: हार के बाद बंगाल में टीएमसी का किला लगभग ढह सा गया है। पार्टी के नेता बगावत पर उतर आए हैं। इन सब के अलावा सवाल ये है कि क्या अगले चुनाव में ममता बनर्जी पार्टी को मजबूत स्थिति में खड़ा कर पाएंगी? वापसी होगी या नहीं!

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भारत

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Saurabh Mall

Jun 13, 2026

TMC

फोटो में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी (इमेज सोर्स: ANI)

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा। आज शनिवार सुबह अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर CID की रेड पड़ी। पार्टी के कई नेता शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यही कारण है कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे माहौल में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ममता बनर्जी अगले विधानसभा चुनाव में वापसी कर पाएंगी।

ममता बनर्जी कितनी मजबूत?

2026 के विधानसभा चुनाव में इंडिया अलायंस और टीएमसी का वोट शेयर 40.8 प्रतिशत रहा, जो BJP से सिर्फ 5 प्रतिशत कम था। भाजपा का वोट पर्सेंट 45.84 रहा। यही वजह है कि बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी को अभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता।

TMC की टूट से BJP को खतरा!

TMC के कई बागी सांसद NDA को समर्थन देने की बात कर चुके हैं। इससे संसद में BJP की स्थिति और मजबूत हो सकती है। हालांकि पार्टी के भीतर ही कुछ नेता इस रणनीति को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि अगर बड़ी संख्या में TMC नेता BJP में शामिल होते हैं, तो पार्टी की अलग पहचान और विचारधारा को नुकसान पहुंच सकता है।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई BJP नेताओं ने कहा है कि पार्टी को उन नेताओं से दूरी बनाए रखनी चाहिए जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार या राजनीतिक अवसरवाद के आरोप लगते रहे हैं। उनका तर्क है कि जनता ने TMC के खिलाफ वोट दिया था, इसलिए उन्हीं नेताओं को BJP में शामिल करना गलत संदेश दे सकता है। आगे चलकर नुकसान हो सकता है।

BJP के सामने दूसरी बड़ी चिंता

BJP के सामने दूसरी बड़ी चिंता विपक्षी राजनीति का भविष्य है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि अगर TMC बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती है, तो बंगाल में वामपंथी दलों को फिर से खड़ा होने का मौका मिल सकता है। फिलहाल CPI(M) का वोट शेयर 4.45% काफी कम है, लेकिन TMC के वोट बैंक में सेंध लगने पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

इसके अलावा ममता बनर्जी अभी भी विपक्षी INDIA गठबंधन की अहम नेता हैं। उन्होंने हाल ही में INDIA गठबंधन को मजबूत करने की बात कही थी। 8 जून को वह INDIA गठबंधन के मीटिंग में भी शामिल हुई थीं। ऐसे में अगर वह कांग्रेस के साथ मिलकर और अन्य दलों को साथ लेकर अपनी पार्टी को दोबारा संगठित करने में सफल रहती हैं, तो अगले चुनाव में BJP के लिए रास्ता कठिन हो सकता है।