
SCO Summit Bishkek: SCO में प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ पीएम मोदी के एकता के आह्वान पर शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि हर मंच पर हर जगह पर पाकिस्तान की करतूतों को सामने लाना जरूरी है। ये हर भारतीय नागरिक की जिम्मेदारी है और देश के प्रधानमंत्री की खास जिम्मेदारी है जो उन्होंने वहां SCO समिट में किया है। चीन पाकिस्तान का समर्थन करता है और आतंक उनकी पॉलिसी है। वे आतंकवादियों को पैसा, हथियार, ट्रेनिंग, सुविधा सब देते हैं। उनकी यही सोच रही है कि भारत में किस तरह से दहशत मचाएं। हमने हर बार इनकी हरकतों को उजागर किया है।
SCO समिट में फोटो सेशन खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फैमिली फोटो शेयर की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय से भी एक्स पर एक तस्वीर शेयर की गई, लेकिन यहां पाकिस्तान ने ओछी हरकत की। उसे ग्रुप फोटो को क्रॉप करके शेयर किया। पाकिस्तान द्वारा शेयर की गई तस्वीर में बाएं से दाएं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट तोकायेव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, खुद शहबाज शरीफ, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव दिख रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और चार अन्य नेता नजर नहीं आ रहे हैं।
शहबाज शरीफ के कार्यालय की ओर से शेयर की गई इस क्रॉप्ड तस्वीर पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर मजाक उड़ाया। एक शख्स ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शेयर की गई पूरी तस्वीर ही कमेंट बॉक्स में डाल दी और लिखा कि ये है ‘फुल पिक्चर’। हालांकि बाद में पाकिस्तान की तरफ से पूरी तस्वीर शेयर की गई।
पाकिस्तान PMO की तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान ने जो किया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान ने हमेशा ऐसी हरकतें की हैं। हालांकि, मैं यह कहूंगा कि भले ही उन्होंने मोदी जी की तस्वीर हटा दी हो, लेकिन अगर मोदी जी चाहें तो वे पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे से हटा सकते हैं।
PM मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन में बिना पाकिस्तान का नाम लिए आतंकवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर डबल स्टैंडर्ड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के एक साधन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक हथियार नहीं बन सकता।