बिहार के सहरसा में सिर कटी लाश मिलने से सनसनी मच गई। मृतक की पहचान राजेश कुमार के रूप में हुई है। बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही दहाड़ मारकर रोने लगी। पढ़ें पूरी खबर...
बिहार के सहरसा में खौफनाक वारदात हुई है। यहां एक व्यक्ति की लाश मिली। जिस सिर धड़ से 500 मीटर की दूरी पर मिला। बेटे की लाश को इस हालत में देख चीत्कारते हुए मां ने कहा कि 10 फरवरी को बेटे ने कहा था होली पर घर लौटूंगा, फिर लाश बनकर क्यों आया? मैं अब उसके बिना कैसे रहूंगी? इस वारदात को लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। साथ ही, शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी तेज से वायरल हो रही है।
मृतक की पहचान सहरसा के डरहार थाना क्षेत्र के सतौर निवासी राजेश कुमार (26) के रूप में हुई। परिजनों ने बीते दिनों उसका दाह संस्कार किया। इधर, सहरसा पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है। राजेश की हत्या कैसे हुई? सिर कैसे कट गया? शव नदी तक कैसे पहुंचा? वह बेंगलुरु से बिहार कब और कैसे आया? इन सब सवालों के जवाब ढूंढने में लगी हुई है।
दरअसल, सरहसा के सोनवर्षा में सुरसर नदी किनारे सिर कटी लाश मिली थी। ग्रामीणों ने जब शव को देखा तो दहशत में आ गए। उन्होंने फौरन घटना की जानकारी पुलिस को दी। खौफनाक वारदात की जानकारी मिलते ही सहरसा एसपी हिमांशु और सिमरी बख्तियारपुर DSP मुकेश ठाकुर घटनास्थल पर पहुंचे। शुक्रवार को शव की शिनाख्त हुई। मृतक के चाचा ने शव की पहचान की।
शव को देखते ही चाचा (सौतेले पिता) ने दहाड़ मारकर रोते हुए कहा कि वह घर में इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था। उसके ऊपर 10 लोगों की जिम्मेदारियां थी। मृतक के सौतेले पिता दशरथ ने कहा कि राजेश के पिता रामचंद्र भइया सबसे बड़े थे। उनका साल 1998 में देहांत हो गया था। उस वक्त राजेश महज 3 साल का था। इसलिए समाज व परिवार ने भाभी का शादी मुझसे करा दी, जो अब मेरी पत्नी है। राजेश ने दसवीं तक की पढ़ाई की और फिर घर की जिम्मेदारियों को देखते हुए बड़े शहर में मजदूरी करने के लिए चला गया।
वहीं, बेटे की हत्या की जब घटना मां को मालूम हुई तो वह बेसुध हो गई। होश आने पर वह बार बार कहती कि राजेश ने कहा था कि होली पर घर लौटूंगा, फिर लाश बनकर क्यों आया? मैं अब उसके बिना कैसे रहूंगी? अब मुझे खिलाने वाला कौन है?