
130 Million Voters, Election Commission of India: देश में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावी रिकॉर्ड दुरुस्त करने के नाम पर किसी भी पात्र नागरिक को उसके मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर विपक्ष ने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की है।
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद अब विपक्ष के बड़े राजनीतिक आंदोलन का मुद्दा बन गया है। रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि मतदाता सूची में कुछ गलत नाम रह जाना उतना गंभीर नहीं है, जितना बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं का नाम हटा देना। उनके इस बयान ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।
रैली में मीडिया से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि भारत को ऐसी मतदाता सूची की जरूरत है, जिसमें सभी पात्र नागरिकों के नाम शामिल हों। उन्होंने कहा कि एक-दो मृत व्यक्तियों के नाम सूची में रह जाना स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन 13 करोड़ वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।
थरूर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले करीब 80 वर्षों से चुनाव होते रहे हैं, लेकिन इस तरह बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने जैसी स्थिति पहले देखने को नहीं मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है और उसका उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं तक जनता की चिंताओं को पहुंचाना है।
रैली में कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने भी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। अमर सिंह ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि देशभर से लोग इस आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
INDIA गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली रविवार सुबह 11 बजे शुरू होने के लिए निर्धारित थी। विपक्षी सांसदों को पहले संविधान क्लब में एकत्र होना था, जिसके बाद दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-Connaught Place जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर बढ़ने का कार्यक्रम था।
इस आयोजन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद थी।
दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर सूची को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने गलत तरीके से नाम हटाए जाने से बचाने के लिए नोटिस, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा सत्यापन और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया है। आयोग की प्रक्रिया के मुताबिक, पात्र नागरिक नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 और मौजूदा मतदाता सूची में सुधार के लिए फॉर्म-8 भर सकते हैं। नाम हटाने या उस पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 का प्रावधान है।