डोनाल्ड ट्रंप के भारत को लेकर विवादित बयान पर भारत में सियासी हलचल खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शशि थरूर ने संयम बरतने की सलाह दी, जबकि कांग्रेस ने पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।
अमेरिकी राजनीति और भारत को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार मामला जुड़ा है डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट से, जिसमें भारत समेत कुछ देशों को बेहद आपत्तिजनक शब्दों में पेश किया गया। उसमें कहा गया था कि भारत और चीन 'धरती पर नर्क' जैसे हैं। इस पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पूरे विवाद पर थोड़ा अलग नजरिया रखा। उन्होंने फ्रांस24 से बातचीत में कहा कि भारत को इतनी छोटी बात पर ज्यादा उत्तेजित होने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, कूटनीति में संयम जरूरी होता है। अगर वे सरकार में होते, तो इस तरह की टिप्पणी को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते।
दरअसल, ट्रंप ने एक कंजर्वेटिव टॉक शो की ट्रांसक्रिप्ट शेयर की थी, जिसे माइकल सैवेज होस्ट करते हैं। इस चर्चा में भारत, चीन और कुछ अन्य देशों को 'नरक जैसी जगह' कहा गया। साथ ही यह दावा भी किया गया कि कई प्रवासी महिलाएं अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए आखिरी समय में अमेरिका जाती हैं। इस बातचीत में प्रवासियों पर भी सवाल उठाए गए। कहा गया कि वे अमेरिका में आकर अपने पूरे परिवार को बसाने की कोशिश करते हैं और देश के प्रति उनकी वफादारी संदिग्ध होती है। इतना ही नहीं, American Civil Liberties Union (ACLU) से जुड़े वकीलों पर भी तीखी टिप्पणी की गई।
भारत ने इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि ये टिप्पणियां न केवल गलत जानकारी पर आधारित हैं, बल्कि पूरी तरह अनुचित भी हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के बयान भारत-अमेरिका संबंधों की असली तस्वीर को नहीं दर्शाते, जो आपसी सम्मान और साझेदारी पर टिकी है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले पर चुप नहीं रहना चाहिए। खरगे ने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री इस तरह के अपमानजनक बयान पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए 'नमस्ते ट्रंप' का जिक्र किया और कहा कि जब भारत के बारे में गलत बातें कही जा रही हैं, तब सरकार की चुप्पी समझ से परे है।