
Shiv Sena (UBT): महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों से वे इस पार्टी में अंदर ही अंदर घूटन महसूस कर रहे थे। उनका कहना है कि पार्टी के रूख के मुताबिक वे अपनी बात नहीं कह पा रहे थे। उन्होंने कहा कि शिवसेना UBT उनसे कॉकरोच, मक्खी और मच्छरों का समर्थन करने के लिए कह रही है, जो मैं नहीं कर सकता।
पार्टी के प्रमुख हिंदी भाषी चेहरे और राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि वे हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे, वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद, छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के आदर्शों पर चलने वाले कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का मौजूदा रुख ऐसा हो गया है जहां हिंदुत्व और सनातन धर्म के पक्ष में खुलकर बोलना मुश्किल हो गया था। हमारी पार्टी हमें ऐसे लोगों का समर्थन करने को कह रही है, जिन्हें मैं स्वीकार नहीं कर सकता।
पार्टी के रुख पर कड़ा प्रहार करते हुए दुबे ने कहा कि मेरे हीरो उमर खालिद, शरजील इमाम या ध्रुव राठी जैसे लोग नहीं हो सकते। मेरे हीरो तो कैप्टन स्मित मच्छार हैं, जिन्होंने देश के सामने अपने साहस का परिचय दिया। लेकिन पार्टी ने उनके समर्थन में एक ट्वीट तक नहीं किया।
वहीं, दूसरी तरफ पार्टी हमे कॉकरोच, मक्खी और मच्छरों का समर्थन करने के लिए कह रही है, जो मैं नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के इशारे पर राष्ट्रविरोधी या विभाजनकारी मानसिकता का समर्थन करने के बजाय अपनी नैतिकता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हैं।
आगे उन्होंने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते आ रहे थे। लेकिन अब बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन यह अचानक नहीं हुआ। मैं काफी समय से घुटन महसूस कर रहा हूं। दुबे ने कहा कि उनके लिए देश पहले है और इसी सिद्धांत पर वे आगे भी जनता की सेवा करते रहेंगे।